Updated : Dec 11, 2019 in Yojana

नागरिकता संशोधन बिल 2020 | पूरी जानकारी | कैसे मिलेगा लाभ

नागरिकता संशोधन बिल | Citizenship Amendment Bill

 

भारत सरकार दवारा 11 दिसंवर 2019 को नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास कर दिया गया है। इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े हैं, वहीं विपक्ष में केवल 80 वोट ही पड़े। जिसके चलते इस बिल को पास कर दिया गया है। ये भारत सरकार दवारा अब तक की सवसे वडी उपलव्धी है। इस बिल से अव गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को उत्पीडन का शिकार नहीं होना पडेगा। अब उन्हे अपने अधिकार मिलेगें और वे अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जी सकते हैं।

इस बिल से देश में 2 करोड गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को 2020 तक नागरिकता प्राप्त होगी । इस बिल के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। नागरिकता संशोधन बिल नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों को बदलने के लिए लाया गया है। इसकी मदद से अवैध प्रवासियों को बैगर दस्तावेज के नागरिकता दी जाएगी। भारत की नागरिकता के लिए 11 साल देश में निवास करना जरूरी है लेकिन इस संशोधन के बाद बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शरणार्थियों के लिए निवास अवधि को घटाकर 6 साल कर दिया गया है। इतना ही नहीं इन समुदाय के लोगों को पासपोर्ट एक्ट 120 और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत जेल की सज़ा भी नहीं होगी। यह बिल भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। इस बिल के लागू होने के बाद लाभार्थी देश के किसी भी राज्य में रह सकते हैं। वे राज्य जहां इनर लाइन परमिट (ILP) लागू है और नॉर्थ ईस्ट के चार राज्यों में छह अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों को नागरिकता संशोधन विधेयक के तहत (CAB) से छूट मिलेगी। इसके अलावा पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को भारतीय नागरिकता से मिलने से उनका भविष्य बेहतर वनेगा।      

उद्देश्य | An Objective

नागरिकता संशोधन बिल का मुख्य उद्देश्य गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देकर उनके जीवन स्तर में सुधार करना है, ताकि वे धार्मिक उत्पीड़न का शिकार न वने।     

लाभ | Benefits

  • नागरिकता संशोधन बिल का लाभ गैर मुस्लिम शरणार्थियों को मिलेगा।
  • इस बिल के तहत गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलेगी।
  • तीन देशों के अल्पसंख्यकों को इस बिल से राहत मिलेगी।
  • इस बिल से पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर गैर मुस्लिम शरणार्थियों (हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों) को अब उत्पीड़न का शिकार नहीं होना पडेगा।
  • इस बिल के तहत भारत की नागरिकता के लिए 06 साल देश में निवास करना जरूरी है। पहले ये नागरिकता 12 साल की थी।
  • ये बिल पूरे भारत में लागु किया जाएगा।
  • इस बिल के पास होने से लाभार्थी देश के किसी भी राज्य में निवास कर सकते हैं।

प्रमुख विशेषताएं | Major features

  • भारत की नागरिकता लेना हुआ आसान
  • बैगर दस्तावेज के मिलेगी नागरिकता
  • शरणार्थियों के निवास की अवधि 6 साल होगी।
  • उत्पीड़न जैसी वारदातें कम होगीं।
  • देश के सभी राज्यों में लागु

आशा करता हूं आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी। आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेंट और लाइक जरुर करें।

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