Updated : Dec 27, 2019 in Yojana

गोरखपुर गोकुल मिशन योजना | पूरी जानकारी | कैसे मिलेगा लाभ

गोरखपुर गोकुल मिशन योजना | Gorakhpur Gokul Mission Scheme

 

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गाय और भैसों का कृत्रिम गर्भाधान करने के लिए गोकुल मिशन योजना को शुरु किया गया है। इस योजना के तहत गोरखपुर जिले के 100 गांवों में मार्च 2020 तक 20,000 गाय एवं भैसों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। इस योजना से न केवल नस्ल सुधार किया जाएगा बल्कि देशी नस्ल का भी संरक्षण होगा। इस योजना के तहत जिले के चयनित गांवों में अंतिम सप्ताह से चल रहे अभियान के अंतर्गत अब तक 2500 कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं। इस अभियान से दूध की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस योजना से पशुपालकों को अच्छी नस्लों के नए पशु मिलेंगे, वहीं दुध के उत्पादन में भी सुधार होगा। गोरखपुर जिले के 50 पशुचिकित्सालय की मदद से 100 गांवों का चयन किया गया है। जिले के पशुधन प्रसार अधिकारियों के साथ पशु मित्रों एवं पैरावेट को भी योजना में शामिल किया गया है। इस मामले में, पशु मित्रों को प्रत्येक जानवर के कृत्रिम गर्भाधान में 50 रुपये दिए जाएगें। देसी गायों और भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान के जरिए गांवों के पशु पालक आर्थिक रूप से समृद्धशाली वनेगें। इस योजना से कृत्रिम गर्भाधान का लाभ लेने वाली गाय और भैस की सम्पूर्ण जानकारी मिलेगी और गर्भाधान के बाद उत्पन्न होने वाली संतान का डाटा भी रखा जाएगा। पशुपालन विभाग की यह पहली योजना है जिसके जरिए सरकार के पास एक डाटा बैंक उपलब्ध होगा। कृत्रिम गर्भाधान से सभी गर्भाधान वाले पशुओं को टैगिंग भी किया जाएगा।

उद्देश्य | An Objective

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गाय और भैंसो की नस्ल में सुधार कर देशी नस्ल का संरक्षण करना है।

लाभ | Benefits

  • गोकुल मिशन योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पशुपालको को प्राप्त होगा।
  • इस योजना के तहत गोरखपुर जिले में मार्च 2020 तक 20,000 गाय एवं भैसों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा।
  • एक पशुपालक की पशु गाय या भैस को तीन चक्र में मुफ्त गर्भाधान की सुविधा मिलेगी।

  • इस योजना से नस्ल में सुधार होगा और देशी नस्ल का संरक्षण किया जाएगा।
  • इस योजना से पशुपालकों को अच्छी नस्लों के नए पशु मिलेंगे।
  • इस योजना से दूध की गुणवत्ता वढेगी।
  • इस योजना से पशु पालकों का आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
  • इस योजना से कृत्रिम गर्भाधान से सभी गर्भाधान वाले पशुओं की टैगिंग होगी।
  • इस योजना से सरकार के पास एक डाटा बैंक भी उपलब्ध होगा।
  • इस योजना से कृत्रिम गर्भाधान का लाभ लेने वाले पशुओं की जानकारी मिलेगी और उत्पन्न होने वाली संतान का डाटा भी रखा जाएगा।

आशा करता हूं आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी। आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेंट और लाइक जरुर करें।  

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