city logo

Updated : Feb 10, 2018 in ऑनलाइन पैमेंट/ अन्य

स्मार्ट सिटी (Smart City) / भारत कैसे वनेगा स्मार्ट सिटी आइए जानें।(एक कदम भारत के निर्माण की ओर |)

स्मार्ट सिटी (Smart City)/ स्मार्ट सिटी योजना/ स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल हुए शहर कौन से हैं आइए जानें।

स्मार्ट सिटी में रहने के लिए देशवासियों को हर स्तर पर खुद को स्मार्ट बनाना होगा। देश का प्रत्येक नागरिक सरकार के इस प्रोजेक्ट में सहयोग दें तभी अगले दो दशकों में भारत में सबसे अधिक स्मार्ट सिटीज़ बन जाएंगी, जिससे भारत विकसित राष्ट्र की श्रेणी में भी आ जाएगा |

स्मार्ट सिटी (Smart City)

स्मार्ट सिटी का मतलब ऐसे शहर हैं जहां कुछ स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को बेहतरीन क्वॉलिटी का जीवन, साफ-स्वच्छ और अच्छा माहौल मिले।

smart city imageस्मार्ट सिटी मिश्न  (Smart City Mission)

स्मार्ट सिटी मिश्न की कल्पना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने की थी, जिन्होंने देश के 100 नगरों को स्मार्ट नगरों के रूप में विकसित करने का संकल्प किया और 25 जून 2015 को पुणे में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की शुरुआत हुई।

modi imageइसके लिए केंद्र की ओर से कुछ गाइडलाइंस तय की गईं और सरकार ने राज्यों से स्मार्ट सिटी के लिए प्रप्रोजल्स के साथ कुछ सुझाव भी मांगे। जिसके चलते विकास के लिए चार स्तंभों को अधारित किया गया। ये चार स्तंभ हैं—संथागत, फिजिकल, सोशल और इकनोमिक इंफ्रास्ट्रक्चर । इसके अलावा सड़कों, जंक्शनों व पार्कों को डिजाइन करने में नागरिकों को भी शामिल किया गया है। इस मिश्न मे नागरिक भी अपनी राय रखेंगे।



क्या है स्मार्ट सिटी योजना  (What is smart city scheme)

सरकार की योजना के अनुसार 20 नगर वर्ष 2015 में , 40 नगर 2016 में और 40 नगर 2017 में स्मार्ट नगरों के रूप में विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। दिनांक 28 जनवरी 2016 को भारत सरकार ने 20 स्मार्ट सिटी शहर घोषित किये हैं।

यह योजना कैसे काम करती है? (How does this plan work?)

सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी करने के बाद राज्यों को ‘सिटी चैलेंज कॉम्पिटिशन’ के लिए शहरों को नामित करने के लिए कहा गया है जिसके वाद चुने हुए एक शहर के लिए 5 साल तक 100-100 करोड़ रुपये का केंद्र सरकार से फंड भी दिया जाएगा।

केंद्रीय बजट में पास हुआ प्रस्ताव

  • केंद्रीय बजट में वर्ष 2014 में 7,060 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास हुआ था। केंद्र सरकार की इस योजना में 5 वर्ष में कुल 48,000करोड़ का निवेश करने की योजना है और इतना ही धन सम्बंधित राज्य सरकारें अपने -अपने राज्य में चयनित नगरों के विकास में खर्च करेंगी। अर्थात केंद्र और राज्य सरकारें इस योजना में सामान धन निवेश करेंगी।
  • 2015 में चयनित स्मार्ट नगरों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित होने की वात हुई थी।
  • 2015 से 2017 तक प्रत्येक वर्ष 100 करोड़ रुपये प्रत्येक नगर को आवंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है।
  • 2018 बजट के दौरान 99 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने 2.04 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय से 99 शहरों का चयन किया है । इन शहरों ने स्मार्ट कमांड, स्मार्ट सड़कों, स्मार्ट पार्कों जैसी विभिन्न परियोजनाओं को क्रियान्वित (Executed)  करना शुरू कर दिया है। 100 आदर्श स्मारक भी बनाए जाएगें। इसके अलावा अमृत कार्यक्रम 500 शहरों के सभी परिवारों को जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। अमृत योजना के तहत 500 शहरों के लिए 77,640 करोड़ रुपये की राज्य स्तरीय योजनाओं को भी मंजूरी मिली है।

स्मार्ट नगरों की सूची  (List of smart cities)

स्मार्ट सिटी (नगरों) की जो सूची तैयार हुई है उनका विवरण नीचे दिया गया है – सरकार ने 27 अगस्त 2015 को 98 प्रस्तावित स्मार्ट नगरों की सूची को जारी कर दिया है, जिनमें सवसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 13 और तमिलनाडू के 12 शहर शामिल हैं। इन शहरों को 2020 तक स्मार्ट सिटी बनाने की योजना है।

प्रदेश का नाम

शहरों की संख्या

उत्तर प्रदेश 12
तमिलनाडू 12
महाराष्ट्र 10
मध्य प्रदेश 07
गुजरात 06
कर्नाटक 06
पश्चिम बंगाल 04
राजस्थान 04
बिहार 03
आंध्र प्रदेश 03
छत्तीसगढ़ 02
हरियाणा 02
तेलंगाना 02
ओडिशा 02
पंजाब 03
 

अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, चंडीगढ़, दमन एंड दीव, दादरा और नागर हवेली, दिल्ली, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, लक्षद्वीप, त्रिपुरा, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुड्डुचेरी और सिक्किम।

 

 

01

स्मार्ट सिटी के बुनियाद के मुख्य सिद्धांत  (The key principles of the foundation of the Smart City)

किसी भी चीज का शुभारंभ करने के लिए कुछ वातों और सिद्दांत की पालना करना जरुरी होता है। भारत स्मार्ट सिटी कैसे वनें इसके लिए कुछ मुख्य सिद्दांत रखे गए हैं। क्या हैं ये सिद्दांत आइए जानते हैं –

1.जीवन की गुणवत्ता (Quality of life)

  • किफायती घर
  • हर तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर
  • पानी और बिजली की सुविधा (24 घंटे)
  • शिक्षा के लिए विकल्प
  • सुरक्षा
  • मनोरंजन और स्पोर्ट्स के साधन
  • आसपास के इलाकों से अच्छी और तेज कनेक्टिविटी
  • अच्छे स्कूल और अस्पताल

2.निवेश (Investment)

  • मानव संसाधन और प्राकृतिक संसाधन के मुताबिक पूरा निवेश होना चाहिए।
  • बड़ी कंपनियों को वहां अपनी उद्योग लगाने के लिए सुविधाएं और सहूलियत मिले।
  • टैक्स का ज्यादा बोझ न हो।

3.रोजगार (Employment)

  • स्मार्ट नगर में इन्वेस्टमेंट ऐसा आए जिससे वहां या आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार के पूरे मौके मिले।
  • स्मार्ट नगर के अंदर रहने वालों को अपनी आमदनी और अपना खर्चा चलाने के लिए उस इलाके से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े।

4.ट्रान्सपोर्ट (Transport)

  • स्मार्ट सिटी के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान जाने का ट्रैवल टाइम 45 मिनट से ज्यादा न हो।
  • कम से कम 2 मीटर चौड़े फुटपाथ होने चाहिए।
  • रिहाइशी इलाकों से 800 मीटर की दूरी या 10 मिनट वॉक पर बस या मेट्रो की सुविधा भी होनी चाहिए।

5.आवास  (The house)

  • 95 फीसदी आवासीय इलाके ऐसे हों जहां 400 मीटर से भी कम दूरी पर स्कूल, पार्क और मनोरंजन पार्क मौजूद हों।
  • 20 फीसदी मकान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए होने चाहिए।
  • कम से कम 30 फीसदी आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्र बस या मेट्रो स्टेशन से 800 मीटर की दूरी के दायरे में ही होनी चाहिए।

6.बिजली और पानी (Electricity and water)

  • स्मार्ट सिटी में 24×7 पानी और बिजली सप्लाई होगी।
  • 100 फीसदी घरों में बिजली कनेक्शन होंगें। सारे कनेक्शनों में मीटर लगा हो।
  • बिजली और पानी की चोरी न हो इस वात पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
  • प्रत्येक व्यकित को कम से कम 135 लीटर पानी दिया जाएगा।

7.शिक्षा  (Education)

  • 15 फीसदी इलाका एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के लिए होना अनिवार्य है ।
  • हर 2500 लोगों पर एक प्री-प्राइमरी, हर 5000 लोगों पर एक प्राइमरी, हर 7500 लोगों पर एक सीनियर सेकंडरी और हर एक लाख की आबादी पर 12वीं क्लास तक का एक इंटिग्रेटेड स्कूल का होना अनिवार्य है।
  • सवा लाख की आबादी पर एक कॉलेज होना चाहिए।
  • 10 लाख की आबादी पर एक यूनिवर्सिटी, एक इंजीनियरिंग कॉलेज, एक मेडिकल कॉलेज, एक प्रोफेशनल कॉलेज और एक पैरामेडिकल कॉलेज होना चाहिए।

8.स्वास्थ्य (Health)

  • स्मार्ट सिटी में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम 30 मिनट से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
  • हर 15 हजार लोगों के लिए एक डिस्पेंसरी की सुविधा होगी।
  • एक लाख की आबादी पर 30 बिस्तरों वाला छोटा अस्पताल, 80 बिस्तरों वाला मीडियम अस्पताल और 200 बिस्तरों वाला बड़ा अस्पताल होना चाहिए।
  • हर 50 हजार लोगों पर एक डायग्नोस्टिक सेंटर भी उपलब्ध होना चहिए।

9.वाईफाई कनेक्टिविटी (WiFi connectivity)

  • 100 फीसदी घरों तक वाईफाई कनेक्टिविटी होनी चाहिए।
  • 100 एमबीपीसी की स्पीड पर वाईफाई की सुविधा हर व्यकित को मिलेगी।

नरेंद्र मोदी जी ने भारत को स्मार्ट सिटी वनाने का सपना देखा था, जिस पर काम भी जोरशोर से शुरु हो चुका है। मोदी जी भारतीय लोगों को हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं, ताकि आने वाले समय में भारत चीन, जापान, अमेरिका जैसे देशों की तरह विकसीत हो। भारत ने विकास की तरफ कदम रख दिया है, जिससे भारतीय लोगों का सहयोग ही भारत को हर क्षेत्र मे सफलता दिलाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!