स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना 2022 | SGSY : ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म | चयन प्रक्रिया

              

|| Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana | प्रधानमंत्री स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना | Online Registration | Application Form | क्रियान्वयन प्रक्रिया ||

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे नागरिकों के कल्याण के लिए स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना को लागू किया गया है| जिसके माध्यम इन नागरिकों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का प्रयास किया जाता है| सरकार दवारा लाभार्थियों को रोजगार से जोड़ने के लिए ऋण, सब्सिडी एवं प्रशिक्षण प्रदान करती है| जिसकी मदद से इन नागरिको के जीवन स्तर मे सुधार आएगा| कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढ्ना होगा| तो आइए जानते हैं – स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के वारे मे|

Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana

Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना देश के ग्रामीण नागरिको के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक विशेष योजना है| जिसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे नागरिकों को सरकार दवारा वेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए रोजगार चलाने या व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है| सरकार दवारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता ऋण के रूप मे प्रदान की जाएगी | लाभार्थीयों को दिया जाने वाला ऋण बैंकों से प्रदान किया जाएगा और इस ऋण पर पात्र लाभार्थीयों को सब्सिडी भी दी जाएगी| इसके अलावा इन नागरिको को रोजगार के लिए प्रशिक्षण भी मिलेगा| रोजगार मिलने से ग्रामीण नागरिको को नौकरी की तलाश के लिए भटकना नही पडेगा और रोजगार की प्रपित ग्रामीण क्षेत्र मे रह कर ही पूरी की जा सकेगी| इस योजना से नागरिको की आय मे वढ़ोतरी होगी और उन्हे सशक्त वनाया जाएगा| स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का लाभ लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त कर सकेंगे|

योजना के मुख्य पहलु 

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना स्व-रोजगार के सभी पहलुओं जैसे स्व-सहायता समूह, प्रशिक्षण, ऋण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा और विपणन में गरीबों का एक समग्र पैकेज है। जिसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले नागरिको का विकास किया जाता है और उनकी रोजगार से सवन्धित जरूरतो को पूरा करके उनकी आमदनी मे सुधार लाया जाता है| सरकार दवारा दी जाने वाली सहायता से देश मे बेरोजगारी दर मे कमी लाई जाएगी और लोगो को योजना के प्रति जागरुक किया जाएगा|

इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदान किया जाएगा एवं ऋण पर अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। जिस का 75% हिस्सा भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा एवं 25% व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे कि उनकी आय में वृद्धि हो सकेगी।

अब तक इस योजना के तहत 22.52 लाख स्‍वयं-सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है जिनमें से 66.97 लाख स्‍वरोजगारी शामिल हैं। इन स्‍वरोजगारियों में 35.54 लाख स्‍वयं-सहायता समूह के सदस्‍य और 31.43 लाख व्‍यक्‍तिगत स्‍वरोजगार प्राप्त हैं। इन्‍हें कुल 14,403.73 करोड़ रुपए की निवेश सहायता दी गई है। सहायता प्राप्‍त कुल स्‍वरोजगार प्राप्त लागों में से 45.54 प्रतिशत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबद्ध हैं और 47.85 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।

इस योजना से ग्रामीण इलाकों में निरंतर आय सृजन के अवसर उत्पन्न करने के लिए गरीब नागरिकों की क्षमता को बढ़ाया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक इलाके की जमीन पर आधारित तथा अन्य संभावनाओं के आधार पर भारी मात्रा में छोटे उद्यमों की स्थापना पर ध्यान दिया गया है।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का अवलोकन

योजना का नाम स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना
किसके दवारा शुरू की गई भारत सरकार दवारा
लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक
प्रदान की जाने वाली सहायता गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन / ऑफलाइन
आधिकारिक वेवसाइट www.sgsy.gov.in

PM स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाको के नागरिको को रोजगार से जोड़ने के लिए ऋण, सब्सिडी एवं प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं प्रदान करना है|

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का क्रियान्वयन

स्‍वर्ण जयंती ग्राम स्‍वरोजगार योजना पंचायती राज संस्थाओं, बैंकों और स्‍वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी के साथ जिला ग्रामीण विकास एजेंसियों (बाहरी विंडो में खुलने वाली वेबसाइट) के जरिए क्रियान्‍वित की जा रही है। योजना पर खर्च की जाने वाली राशि केंद्र और राज्‍य सरकारों द्वारा 75:25 के अनुपात में वहन की जाती है।

योजना का कुल बजट

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया गया है। जिसके आधार पर ही पात्र लाभार्थीयों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा|          

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए पात्रता 

  • आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष होनी चाहिए|
  • लाभार्थी को देश का स्थायी निवासी होना चाहिए|
  • आवेदक का परिवार गरीवी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा होना चाहिए|
  • लाभार्थी के परिवार मे किसी के पास स्थायी नौकरी नही होनी चाहिए|
  • आवेदक की शैक्षिणिक योग्यता कम से कम 10 वीं पास होनी चाहिए|
  • आवेदक शहरी गरीबी रेखा सर्वे मे चयनित होना चाहिए|
  • लाभार्थी को किसी बैंक, वित्तीय संस्था का दोषी नही होना चाहिए|
  • आवेदक दवारा कम से कम 3 बर्ष से उस शहर मे निवास किया होना चाहिए, जहाँ उसके दवारा ऋण के लिए आवेदन किया जा रहा हो।

प्रधानमंत्री स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • स्थायी प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • शैक्षिक योग्यता दस्तावेज
  • बैंक खाता
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नम्वर

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के घटक

  • कौशल उन्नयन
  • गतिविधि समूह, स्व – सहायता समूह (SHG)
  • परिक्रामी निधि
  • उधार के मानदंड
  • आईआरडीपी उधारकर्ताओं को सहायता
  • बीमा रक्षण
  • सुरक्षा मानदंड
  • सब्सिडी और पोस्ट क्रेडिट का पालन करें
  • उपभोग ऋण के लिए जोखिम कोष
  • ऋण की चुकौती की कम से कम 5 साल की अवधि
  • ऋण की शीघ्र वसूली
  • एसजीएसवाई ऋणों का पुनर्वित्त
  • डीआरडीए को बैंक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
  • सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण
  • डेटा और वार्षिक ऋण योजना प्रस्तुत करना

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लाभ

  • स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना ग्रामीण क्षेत्रो के नागरिको को रोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई है|
  • जिसके माध्यम से पात्र लाभार्थीयों को बैंकों के जरिये ऋण, स्व्सीड़ी और प्रशिक्षण जैसी सुविधा प्रदान की जाती है|
  • योजना के जरिये लाभार्थीयों को दी जाने वाले ऋण की राशि सीधे उनके बैंक खाते मे जमा की जाएगी|
  • इस योजना से स्व सहायता समूह में संगठित होने के योग्य बनाने के लिए ग्रामीण निर्धनों को एकजुट किया जाएगा|
  • इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का कौशल विकास किया जाएगा।
  • इस योजना से ग्रामीण परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का प्रयास किया जाएगा।
  • लाभार्थियों को कौशल और प्रत्येक क्षेत्र की कार्य क्षमता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लघु उद्यमों की स्थापना की जाएगी|
  • इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे कि उनकी आय में वृद्धि हो सकेगी।

PM स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना की मुख्य विशेषताएँ

  • गरीब परिवारों (स्वरोजगारी) को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना,
  • आय वृद्धि कार्यक्रम द्वारा सम्पति का सृजन करना,
  • बैंक से ऋण एवं सरकारी अनुदान प्रदान करना,
  • सहायता प्राप्त परिवारों का कम से कम 2000/- रूपये की आय प्रति महीना योजना प्रारंभ होने के 03 वर्षों के अंतर्गत सुनिश्चित करना|

Swarna Jayanti Gram Swarozgar

 

यह योजना निम्नलिखित अन्य योजनाओं को प्रभावी रूप से प्रतिस्थापित करती है:
  • एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP)
  • स्वरोजगार के लिए ग्रामीण युवाओं का प्रशिक्षण (TRYSEM)
  • ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों का विकास (DWCRA)
  • ग्रामीण कारीगरों को उन्नत टूलकिट की आपूर्ति (SITRA)
  • गंगा कल्याण योजना (GKY)
  • मिलियन वेल्स योजना (MWS)
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए कार्यान्वयन प्रक्रिया
  • समूह निर्माण- पहले चरण में, संबंधित अधिकारी नौकरी चाहने वालों के सभी कौशल से निपटते हैं और कौशल के अनुसार उन्हें विभिन्न प्रकार के समूहों में सौंप दिया जाता है। उसके बाद प्रत्येक सदस्य के कौशल स्तर के आधार पर समूह को तैयार किया जाता है|
  • पूंजी निर्माण- पूंजी युग के लिए एक टर्निंग स्टोर ढांचा अपनाया गया है, और योग्यता को समझ के माध्यम से बनाने की अनुमति है।
  • समूहो की पहचान- अंतिम चरण में योग्यताओं और समूह कौशलों का सृजन और विकास किया जाता है। स्वयं सहायता समूह की पहचान की जाती है और इस प्रकार अन्य कार्य करने के लिए उन्हे प्रोत्साहित किया जाता है।
योजना के लिए ऋण प्रदान करने वाले बैंक
  • व्यवसायिक बैंक
  • सहकारी बैंक
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए चयन प्रक्रिया
  • प्रत्येक ब्लॉक मे लगभग 10 मुख्य क्रियाकलापों को चुना जाएगा|
  • मुख्य जोर उन चार से पांच क्रियाकलापों पर किया जाएगा जो स्थानीय संसाधनों लोगों की व्यवसायिक कुशलता और बाजार की उपलब्धता पर निर्भर हो|
  • ब्लॉक स्तरीय योजना समिति मुख्य क्रियाकलापों के चयन का कार्य करेगी|
  • सभी मुख्य क्रियाकलापों का चयन बैंको, औद्योगिक/तकनीकी संगठनों, स्थानीय खादी एवं ग्रामोद्योग के कर्मचारी तथा जिला उद्योग केंद्र के साथ परामर्श करके किया जाएगा।
  • सभी चुने गए क्रियाकलापों को पंचायत समिति द्वारा अनुशासित होना चाहिए तथा जिला स्तरीय स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना समिति द्वारा अनुमोदित कराना चाहिए।
योजना के तहत प्रदान की जाने वाली धनराशि
  • रिवाल्विंग फंड- रिवाल्विंग फंड की अधिकतम राशि ₹25000 है जिसमें शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुदान राशि ₹10000 सम्मिलित है।
  • प्रशिक्षण- कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए कुल ₹5000 की राशि खर्च की जाएगी।
  • अधोसंरचना विभिन्न प्रकार के मेलो का आयोजन किया जाएगा जिससे कि स्वरोजगारियों द्वारा निर्मित किए गए उत्पादों का वितरण किया जाएगा।
  • योजना मे दी जाने वाली धनराशि केन्द्र सरकार दवारा 75% और राज्य सरकार दवारा 25% के अनुपात मे विभाजित की जाएगी|
ऋण भुगतान अवधि

भुगतान की अवधि को 03 श्रेणियों मे बांटा गया है –

  • प्रथम – 05 साल
  • दिवतीय – 07 साल
  • तृतीय – 09 साल
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए सब्सिडी
  • इस योजना के तहत कुल परियोजना लागत के 30% की एक समान सब्सिडी की अनुमति है, जो 7,500 रुपये की सीमा के अधीन है।
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और विकलांग व्यक्तियों को कुल परियोजना लागत का 50%, 10,000 रुपये की सीमा के अधीन, की सब्सिडी दी जाती है।
  • स्व-सहायता समूहों (SHG) और व्यक्तिगत स्वरोजगारियों को कुल परियोजना लागत का 50% सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो 1.25 लाख रुपये या प्रति व्यक्ति 10,000 रुपये (जो भी कम हो) की सीमा के अधीन है।
  • सिंचाई परियोजनाओं के लिए सब्सिडी पर कोई मौद्रिक सीमा निर्दिष्ट नहीं की गई है।
  • इन प्रावधानों के तहत सब्सिडी बैक-एंडेड है। बैंकों को ऋण राशि के सब्सिडी वाले हिस्से पर ब्याज लगाने की मनाही है।
  • जैसा कि पहले ही कहा जा चुका है, ग्रामीण गरीबों के बीच कमजोर समूहों पर विशेष जोर दिया जाएगा
आरक्षण

लक्ष्य समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 50%, महिलाओं के लिए 40%, अल्पसंख्यकों के लिए 15% तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए 3% आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना प्रशिक्षण
  • योजना के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण लाभार्थीयों को प्रदान किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण की रूपरेखा अवधि और पाठ्यक्रम इस तरह से निर्धारित किए जाएंगे जिससे की मुख्य क्रियाकल्पों की आवश्यकता की पूर्ति हो सके।
  • प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा बुनियादी उन्मुखीकरण और कौशल विकास प्रशिक्षण दोनों के लिए किए गए खर्चों का जिला परिषद SGSY निधियों से पूरा किया जाएगा|
  • वित्तीय आवंटन का कम से कम 10% भाग स्वरोगारियों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए प्रदान होगा|
  • प्रशिक्षण के लिए प्रति प्रशिक्षु 5000/- रूपए की राशि खर्च की जाएगी।
योजना के लिए समाजिक संगठन
  • इस योजना के अंतर्गत एक सवसहायता समूह में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के 10 से 20 व्यक्ति हो सकते हैं।
  • एक व्यक्ति को एक से अधिक समूह का सदस्य नहीं होना चाहिए।
  • विकलांग व्यक्तियों, लघु सिंचाई योजनाओं एवं दुर्गम क्षेत्रों जैसे पहाड़ी, मरुभूमि एवं बिखरी आबादी वाले क्षेत्रों में एक समूह में व्यक्तियों की संख्या 5 से 20 तक हो सकती है।
  • यदि आवश्यक हुआ तो 20% और विशिष्ट मामलों में 30% तक गरीबी रेखा से ऊपर के सदस्य एक समूह में शामिल हो सकते हैं।
  • सभी स्व सहायता समूह में महिला सदस्य को शामिल करने का प्रयास भी किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में 50% सहायता समूह अलग से महिलाओं के लिए बनाएं जाएंगे।
योजना के लिए गैर सरकारी संगठन एवं बैंकों की भूमिका
  • योजना के अंतर्गत समूह के गठन के साथ-साथ उनकी क्षमता का निर्माण भी किया जाएगा, जिसके लिए गैर सरकारी संगठनों को शामिल किया गया है।
  • सहायता समूह के गठन और विकास के लिए सभी गैर सरकारी संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों, SHPI प्रेरक आदि को चार किस्तों में ₹10000 प्रति समूह प्रदान किए जाने का प्रावधान है|
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए विपरण सहायता एवं वित्त पोषण
  • निर्मित सामान के वितरण को बढ़ावा देने की व्यवस्था SGSY द्वारा की गई है।
  • जिसके माध्यम से स्वरोजगारियों के लिए निर्मित सामान के प्रदर्शन और बिक्री के लिए जिले/राज्य/ राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेलों का आयोजन किया जाएगा।
  • जिसमें बाजार सूचना का प्रावधान, वितरण और परामर्श सेवाओं का विकास तथा निर्यात सहित सामान के वितरण हेतु संस्थागत व्यवस्था शामिल है।
  • जिला परिषद द्वारा ₹500000 तक का खर्च पहचान, उत्पादन और डिजाइन विकास के लिए परियोजनाओं की तैयारी के लिए किया जाएगा|
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए कैसे करे ऑनलाइन आवेदन
  • सवसे पहले पात्र लाभार्थी को आधिकारिक वेबसाइट पे जाना होगा| 
  • अब आपको आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • उसके बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज मे आपको पुछी गई सारी जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • फिर आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इस प्रक्रिया के बाद आपको अंत मे सबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना है|
  • इस तरह आपके दवारा स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया जाएगा|

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेट और लाइक जरूर करे|

Last Updated on July 3, 2022 by Abinash

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