मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना 2022 | आवेदन प्रोसेस | लाभ व पात्रता

 

|| राजस्थान बाल गोपाल योजना | Mukhyamantri Bal Gopal Yojana | Bal Gopal Scheme Application Process || राजस्थान सरकार दवारा राज्य मे बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए बाल गोपाल योजना को लागु किया गया है| इस योजना के जरिए बच्चों को निशुल्क दूध उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि राज्य मे बच्चों को कुपोषण महामारी से वचाया जा सके| कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढना होगा| तो आइए जानते हैं – बाल गोपाल योजना के वारे मे|

Bal Gopal

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने राज्य मे बच्चों के कल्याण के लिए बाल गोपाल योजना को शुरू किया गया है| इस योजना के अंतर्गत मिड डे मिल के सहयोग से जिले के सभी राजकीय विद्यालयों, मदरसों एवं विशेष प्रशिक्षण केंद्रों मे कक्षा 01 से लेकर 08 तक के छात्र-छात्राओं को पाउड़र मिल्क से तैयार दूध सप्ताह मे 02 वार उपलव्ध करवाया जाएगा| यह दूध मंगलवार और शुक्रवार को उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य के 60 लाख बच्चों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा। इसके अंतर्गत नए शैक्षिक सत्र से बच्चों को दूध उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना का अवलोकन

योजना का नाम बाल गोपाल योजना
किसके दवारा शुरू की गई राजस्थान सरकार दवारा
लाभार्थी 01 से लेकर 08 तक के छात्र-छात्राएँ
योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता निशुल्क दूध उपलब्ध करवाना
आवेदन प्रक्रिया ऑफ़लाइन

बाल गोपाल योजना का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के नामांकन, उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉप आउट को रोकना एवं पोषण स्तर में वृद्धि व आवश्यक मेक्रो व माइक्रो न्यूट्रिएन्ट्स उपलब्ध करवाना है|

बाल गोपाल योजना के लिए पात्रता

  • आवेदक को राजस्थान राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए|
  • सरकारी स्कूलों मे पढने वाले कक्षा 01 से लेकर 08 तक के बच्चे योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं|

बाल गोपाल योजना के अंतर्गत बच्चों को मिलने वाले दूध कई मात्रा

Bal Gopal Yojana

 

दूध वितरण प्रक्रिया

Mukhyamantri Bal Gopal

मिल्क पाउड़र की आवश्यकता (कक्षा 01 से लेकर 08 वीं तक)

Bal Gopal yojana

प्रतिमाह मिल्क पाउड़र की आवश्यकता

Rajasthan Bal Gopal yojana

प्रथम चरण हेतु मिल्क पाउड़र का आबंटन

Bal Gopal scheme

गुणवत्ता के मानक एवं मापन

raj Bal Gopal

योजना के लिए निर्धारित वजट

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साल 2022-23 के बजट के दौरान घोषणा करते हुए कहा था कि मिड-डे मील योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को हफ्ते में दो दिन डिब्बे का गर्म दूध देने के लिए 476.44 करोड़ रुपए के अतिरिक्त फंड का प्रावधान किया गया है। अब CM गहलोत ने इसके लिए वित्तीय मंजूरी भी दे दी है। जिसके लिए स्कूलों में को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की मदद से दूध पहुंचाया जाएगा।

बाल गोपाल योजना का संचालन

योजना के अंतर्गत पाउडर मिल्क का क्रय राजस्थान को- ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (RCDF) से किया जायेगा। जिसके लिए आयुक्तालय, मिड डे मील द्वारा जिलेवार पाउडर मिल्क का आवंटन किया जायेगा और RCDF द्वारा आवंटन अनुसार पाउडर मिल्क की विद्यालयों तक डोर स्टेप डिलीवरी की जायेगी ।

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का क्रियान्वयन

बाल गोपाल योजना का क्रियान्वयन 04 स्तरों पर किया जाएगा|

  • जिला स्तर
  • ब्लॉक स्तर
  • ग्राम पंचायत स्तर
  • विद्यालयस्तर

बाल गोपाल योजना में भुगतान की प्रक्रिया 

विद्यालयों में राजस्थान राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन से प्राप्त पाउडर मिल्क का भुगतान राशि रू. 400/- प्रति किलो की दर से किया जायेगा। पाउडर मिल्क की दरों में परिवर्तन होने की स्थिति में पुर्ननिर्धारण निम्नानुसार गठित कमेटी की अभिशंषा पर वित्त विभाग की सहमति से किया जायेगा |

बाल गोपाल योजना के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश

  • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के अन्तर्गत छात्र – छात्राओं को दूध उबालकर ही वितरित किया जाएगा|
  • यह सुनिश्चित किया जाएगा, कि दूध तैयार करने एवं वितरण हेतु आवश्यक बरतन (भगोना, टंकी, गिलास, आदि) धुले हुए एवं पूर्णतया स्वच्छ हैं या नहीं ।
  • दूध गर्म करने वाले बर्तनों को ढककर रखा जाये तथा दूध को छानकर ही उपयोग में लाया जाए। 
  • दूध तैयार एवं गर्म करने वाले स्थान को साफ-सुथरा होना चाहिए|
  • पाउडरमिल्क से दूध तैयार करने के लिये साफ एवं स्वच्छ पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए|
  • तैयार किया गया दूध यदि किन्हीं कारणों से छात्रों को पिलाये जाने योग्य न हो, दूध उबालने पर खराब / फटने की स्थिति में विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
  • ये ध्यान रहे कि पाउडर दूध विद्यार्थियों को खाने के लिये नहीं दिया जाये ।
  • दूध तैयार करने, गर्म करने तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने के लिए रखे गये व्यक्ति किसी प्रकार के संक्रमित रोग से ग्रसित नही होने चाहिए| 
  • प्रत्येक निर्धारित दिवस को पाउडर मिल्क से तैयार दूध के सैम्पल को उपयुक्त विधि से डब्बे में 24 घण्टे की अवधि तक विद्यालय में सुरक्षित रखा जाना चाहिए|
  • दूध अवधि पूरी होने की स्थिति में विद्यार्थियों को पीने के लिये नहीं दिया जाएगा|
  • दूध वितरित करने से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि उसका तापमान कम हो |
  • दूध वितरित करते समय किसी अनहोनी घटना छात्र के जलने अथवा दूध पीने के पश्चात छात्र की तबीयत बिगडने की स्थिति में तुरन्त छात्र को निकटवर्ती स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर उचित उपचार करवाया जाना चाहिए। ऐसी सिथति मे विद्यालय से भी फर्स्ट एड की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए|
  • विद्यालयों में योजना के बाधित होने या अनियमितता पाये जाने की स्थिति में सम्बन्धित विद्यालयों के मिड डे नील प्रभारी / शाला प्रधान एवं पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी उत्तदायी होंगे। 
  • दूध तैयार करने के उपरान्त छात्र – छात्राओं को निर्धारित मात्रा में उपलब्ध कराने हेतु नापने के लिये मेजरिंग (Measuring) कप क्रय किया जा सकता है।
  • जिस स्थान पर दूध गर्म किया जा रहा है, उस स्थान से छात्र – छात्राओं को दूर रखा जाये ताकि किसी प्रकार की अनहोनी घटना घटित न हो।
  • ग्राम पंचायत स्तर ब्लाक स्तर एवं जिला स्तर के अधिकारियों के लिए मासिक रूप से निरीक्षण के नियम निर्धारित किये गए हैं, इनके अनुरूप ही इस योजना का निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा|
  • विभाग द्वारा योजना के लिये एक वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है जिस पर योजना की प्रगति की दैनिक रिपोर्ट अंकित की जायेगी।
  • जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यालय, प्रा.शि. योजना की मासिक प्रगति रिपोर्ट इस कार्यालय को भिजवाएंगे|

राजस्थान बाल गोपाल योजना के लाभ

  • बाल गोपाल योजना का लाभ राजस्थान राज्य के स्कूली बच्चों को प्रदान किया जाएगा|
  • इस योजना के जरिए कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चों को सप्ताह में 2 दिन (मंगलवार एवं शुक्रवार) को पाउडर मिल्क उपलब्ध कराया जाएगा। 
  • अगर इन दिनों मे किसी कारणवश अवकाश हुआ तो उसके अगले दिन ये दूध पात्र बच्चों को मिलेगा|
  • इस योजना से राज्य के 60 लाख बच्चों को लाभ प्राप्त होगा।
  • बाल गोपाल योजना का वितरण मिड डे मील की सहायता से पाउडर मिल्क को हर जिले में बांटा जाएगा और RCDF द्वारा मिल्क पाउडर का वितरण प्रत्येक विद्यालय में किया जाएगा।
  • बच्चों को दूध देने की जिम्मेदारी स्कूली प्रबंधन की होगी|
  • दूध की गुणवत्ता को मापने की जिम्मेदारी RCDF तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की होगी।
  • इस योजना से बच्चों को गुणवत्ता दूध मिलने से उनके स्वास्थ्य मे सुधार आएगा|
  • इस योजना से बच्चे कम बीमार पडेंगे|
  • इस योजना से सरकारी स्कूलों मे बचचो के दाखिले की प्रक्रिया तेज होगी|
  • इस योजना से बच्चों की शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता में भी सुधार आएगा|

राजस्थान बाल गोपाल योजना की मुख्य विशेषताऐं

  • बच्चों को स्कूलों मे सप्ताह मे 02 वार दूध उपलव्ध करवाना
  • बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना
  • पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुचाना

राजस्थान बाल गोपाल योजना के लिए कैसे करे आवेदन

  • बाल गोपाल योजना के लिए आवेदक को कहीं भी जाने की जरूरत नही होगी|
  • इस योजना का लाभ छात्रो को अपने स्कूलो मे ही प्रदान होगा|
  • स्कूलों के जरिए पात्र बच्चों को पीने के लिए दूध दिया जाएगा|
  • कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को सप्ताह में 2 दिन यानी मंगलवार एवं शुक्रवार को दूध मिलेगा|

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कॉमेट और लाइक जरुर करे|

Last Updated on November 29, 2022 by Abinash

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