मुख्यमंत्री सुग्घर पढ़वैया योजना 2022 | ऑनलाइन आवेदन | पात्रता व विशेषताऐं

 

|| Chhattisgarh Sugghar Padvaiya Yojana | सुग्घर पढ़वैया योजना | Sugghar Padvaiya Scheme | Application Process || छत्तीसगढ सरकार दवारा राज्य मे बच्चों के कल्याण के लिए सुग्घर पढ़वैया योजना को लागु किया गया है| इस योजना के जरिए सभी शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों में उनकी प्रतिभा के अनुरूप कौशल को विकसित किया जाएगा| जिसके लिए स्कूलों को पुरस्कृत भी किया जाएगा| कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढना होगा| तो आइए जानते हैं – सुग्घर पढ़वैया योजना के वारे मे|

Sugghar Padvaiya

Sugghar Padvaiya Yojana

छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री जी दवारा राज्य मे बच्चों के कौशल को निखारने के लिए सुग्घर पढ़वैया योजना को शुरू किया गया है| इस योजना के अंतर्गत बच्चों में उत्कृष्ट अकादमिक कौशल विकसित करने के लिए स्कूलों को पुरस्कार दिए जाएंगे। जिसमे से प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर पाने वाले स्कूलों को सरकार दवारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी| जिससे राज्य मे बच्चों का भविष्य निखरेगा और स्कूलों की छवि वेहतर वनेगी| इस योजना से प्रदेश के सरकारी स्कूल असरकारी प्रभाव दिखाने में सफल हो सकेंगे।

योजना का अवलोकन

योजना का नाम सुग्घर पढ़वैया योजना
किसके दवारा शुरू की गई छत्तीसगढ सरकार दवारा
लाभार्थी राज्य के स्कूल, बच्चे व शिक्षक
योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता वित्तिय सहायता उपलव्ध करवाना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट जल्द शुरू की जाएगी

सुग्घर पढ़वैया योजना का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य स्वप्रेरणा से अच्छे कार्य एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना है और बच्चों को उनके कौशल को निखारने का अवसर देना है| जिन स्कूलों के बच्चे अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन स्कूलों को पुरस्कृत करना है|

Sugghar Padvaiya

मुख्यमंत्री सुग्घर पढ़वैया योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता

  • प्लेटिनम पाने वाले स्कूलों को 01 लाख रूपए,
  • गोल्ड पाने वाले स्कूलों को 50,000/- रूपए
  • सिल्वर पाने वाले स्कूलों को 25000/- रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

योजना के मुख्य बिन्दु

  • यह योजना राज्य के सभी शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों चलाई गई है।
  • स्कूल के शिक्षक आपस में राय करके कभी भी योजना में शामिल हो सकते हैं।
  • स्कूलों की प्रतिस्पर्धा एक दूसरे से नहीं बल्कि स्वयं से ही होगी। 
  • स्कूलों के सभी शिक्षकों को कार्य साथ मिलकर स्कूल के सभी विद्यार्थियों में अकादमिक कौशल विकसित करने का होगा। 
  • प्रमाण पत्र के लिए पात्रता तभी होगी जब पूरा स्कूल प्रमाण पत्र का पात्र होगा।
  • किसी एक शिक्षक, एक विद्यार्थी या एक कक्षा के लिए प्रमाण पत्र नहीं होगा।
  • जो स्कूल योजना में शामिल होंगे उन्हें लक्ष्य प्राप्ति के लिए अनुरोध करने पर ऑन डिमॉड प्रशिक्षण तथा अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। 
  • जिन स्कूलों को प्रमाण पत्र मिलेगा, उस स्कूल में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को भी प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
  • प्रमाण पत्र स्वतंत्रता दिवस तथा गणतंत्र दिवस के अवसर पर समारोहपूर्वक प्रदान किए जाएंगे|

विद्यार्थियों का आंकलन

स्कूल के सभी विद्यार्थियों का आंकलन योजना के लिए स्वीकार किए गए समस्त अकादमिक कौशलों के आधार पर किया जाएगा और कम से कम 95%  विद्यार्थियों में कक्षा अनुरूप अकादमिक कौशल होने पर ही उस कक्षा के लिए और उस अकादमिक कौशल के लिए स्कूल को 01 अंक दिया जाएगा। 95% से कम विद्यार्थियों में कक्षा अनुरूप न्यूनतम अकादमिक कौशल मिलने पर उस कक्षा और अकादमिक कौशल के लिए शून्य अंक मिलेगा|

योजना के तहत प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र

  • जिन स्कूलों के 90% से अधिक स्कूल ‘सुग्घर पढ़वैया’ प्लेटिनम, गोल्ड या सिल्वर किसी भी स्तर का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेंगे उन्हें सुग्घर पढ़वैया संकुल का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। 
  • इसी प्रकार जिस विकासखण्ड के 90% से अधिक स्कूल सुग्घर पढ़वैया प्लेटिनम, गोल्ड या सिल्वर किसी भी स्तर का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेंगे उन्हें सुग्घर पढ़वैया विकासखण्ड का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

अंकों के आधार पर दिए जाएंगे प्रमाण पत्र

90% या उससे अधिक अंक पर प्लेटिनम, 85% या उससे अधिक परंतु 90% से कम अंक मिलने पर गोल्ड और  80% या उससे अधिक परंतु 85% से कम अंक मिलने पर सिल्वर प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

निरन्तर प्रयास करके सुग्घर पढ़वैया प्लेटिनम प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जा सकेगा

यदि कोई स्कूल सुग्घर पढ़वैया योजना में सिल्वर या गोल्ड प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेता है तो वह स्कूल आगे और प्रयास करके सुग्घर पढ़वैया गोल्ड या सुग्घर पढ़वैया प्लेटिनम प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकता है। इस योजना में निरंतर प्रगति का प्रयास किया जा सकता है। योजना में सभी स्कूल प्रयास करके सुग्घर पढ़वैया प्लेटिनम प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकते हैं।

स्कूलों को विकसित करने की जवाबदेही

विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक स्कूलों को बेहतर स्कूलों के रूप में विकसित करने की जवाबदेही लेने से सरकारी स्कूलों की छवि में अप्रत्याशित सुधार दिखाई देगा और प्रदेश के सरकारी स्कूल असरकारी प्रभाव दिखाने में सफल हो सकेंगे।

सुग्घर पढ़वैया योजना के लिए पात्रता

  • आवेदक को छत्तीसगढ राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए|
  • राज्य के स्कूल, बच्चे व शिक्षक योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं|

आवश्यक दस्तावेज

  • स्कूल प्रमाण पत्र
  • शैक्षिक योग्यता दस्तावेज
  • बैंक खाता
  • पासपोर्ट साइज फ़ोटो
  • मोबाइल नम्वर

CG सुग्घर पढ़वैया योजना के लाभ

  • बच्चों में कौशल विकसित करने पर उत्कृष्ट विद्यालयों को मिलेगा प्रमाण पत्र और पुरस्कार
  • अंकों के आधार पर मिलेगा स्कूलों को पुरस्कार|
  • प्लेटिनम पाने वाले स्कूलों को 01 लाख रूपए, गोल्ड पाने वाले स्कूलों को 50 हजार रूपए और सिल्वर पाने वाले स्कूलों को 25 हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
  • सभीशासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों में उनकी प्रतिभा के अनुरूप कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा|
  • इस योजना से स्कूल अधिक विकसित होंगे|
  • स्कूल के शिक्षक आपस में राय करके कभी भी योजना में शामिल हो सकेंगे|
  • स्कूलों के सभी शिक्षक के सहयोग से विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे|
  • जिन स्कूलों को प्रमाण पत्र मिलेगा, उस स्कूल में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को भी प्रमाण पत्र मिलेगा।
  • स्कूल के सभी विद्यार्थियों का आंकलन योजना के लिए स्वीकार किए गए समस्त अकादमिक कौशलों के लिए किया जाएगा|

सुग्घर पढ़वैया योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

  • योजना में शामिल होने के लिए स्कूल को वेब-पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
  • प्रमाणीकरण की घोषणा थर्ड-पार्टी आंकलन के तत्काल बाद वेब-पोर्टल पर की जाएगी।
  • प्रमाण पत्र स्वतंत्रता दिवस तथा गणतंत्र दिवस के अवसर पर समारोह पूर्वक प्रदान किए जाएंगे|

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कॉमेट और लाइक जरूर करे|  

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