उत्तराखंड प्राकृतिक खेती योजना 2022 | ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

|| Mukhyamantri Prakritik Krishi Yojana | UK प्राकृतिक खेती योजना | Natural Farming Scheme Online Registration | Benefits & Objective ||उत्तराखंड सरकार दवारा राज्य मे किसानों की आमदनी मे वढोतरी लाने के लिए प्राकृतिक खेती योजना को लागु किया गया है| इस योजना के जरिए किसानों को हर साल प्राकृतिक खेती करने के लिए सरकार दवारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी| जिससे किसान प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित होंगे| कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढना होगा| तो आइए जानते हैं – प्राकृतिक खेती योजना के वारे मे|

  Prakritik Krishi Yojana

Mukhyamantri Natural Farming Yojana

किसानों का कल्याण करने और उन्हे स्वावलंवी वनाने के लिए उत्तराखंड सरकार दवारा राज्य मे प्राकृतिक खेती योजना को शुरू किया गया है| इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष प्राकृतिक खेती करने पर 5,000/- रुपये की प्रति हेक्टेयर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी| लाभार्थीयों को दी जाने वाली प्रोत्साहन की राशि उनके बैंक खाते मे DBT मोड के जरिए जमा की जाएगी| इसके अलावा किसानों को नेचुरल फार्मिंग की ट्रेनिंग और खाद बनाने के तरीकों के वारे मे भी जानकारी प्रदान की जाएगी| इस योजना से किसान रसायनिक खाद का प्रयोग किया विना गाय आधारित खेती पर निर्भर रहेंगे|

प्राकृतिक खेती योजना का अवलोकन

योजना का नाम मुख्यमंत्री प्राकृतिक खेती योजना
किसके दवारा शुरू की गई उत्तराखंड सरकार दवारा
लाभार्थी राज्य के किसान
योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन/ ऑफ़लाइन
आधिकारिक वेबसाइट agriculture.uk.gov.in

उत्तराखंड प्राकृतिक खेती योजना का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिसके लिए सरकार दवारा उन्हे प्रोत्साहन राशि भी प्रदान करना है, ताकि किसान रसायनिक खाद का प्रयोग न करे|

 Prakritik Krishi Yojana

योजना के तहत 11 जिलों में बनाए गए हैं क्लस्टर

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य मे प्राकृतिक कृषि योजना चलाई है, जिसके जरिए किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ गैप फंडिंग भी की जाएगी| उसके लिए सरकार ने 11 जिलों में 128 कलस्टर का चुनाव किया है| उत्तराखंड की 6400 हेक्टेयर रकबे को प्राकृतिक खेती से दोबारा से जीवित करने के लिए 50 हेक्टेयर का एक क्लस्टर बनाया गया है| फिलहाल  11 जिलों में गाय आधारित खेती की जाएगी, राज्य के इन 11 जिलों के किसानों को योजना का लाभ मिलने के बाद इसे अन्य जिलों मे चलाया जाएगा|

किसानों दवारा प्राकृतिक खेती कैसे की जाएगी

प्राकृतिक खेती में देसी गाय के गोबर, गोमूत्र व कुछ घरेत्रू सामग्री के प्रयोग से ही किसानो दवारा खेती की जाएगी। प्राकृतिक खेती करने से कृषि की लागत शून्य के बराबर रहती है और फसलों की पैदावार भी वढती है। जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलता है और उनकी आमदनी मे भी वढोतरी होती है| प्रकृतिक खेती में पहले ही वर्ष से किसानों को फायदा पहुंचने लगता है और साल दर साल मिट्टी की उर्वरा क्षमता बढने के साथ-साथ उप्तादन में भी बढोतरी होनी शुरू हो जाती है। 

किसानों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिग

मुख्यमंत्री प्राकृतिक खेती योजना का लाभ लेने वाले किसानों को विभाग दवारा  नेचुरल फार्मिंग की ट्रेनिंग और खाद बनाने के वारे मे जानकारी मुहैया करवाई जाएगी| ट्रेनिग के वक्त किसानों को गाय आधारित खेती करने के तौर-तरीके वताए जाएंगे और लाभार्थीयों को रसायनिक खाद से होने वाले नुकसान के वारे मे भी जानकारी दी जाएगी, कि किस तरह रसायनिक खाद का उपयोग फसलों के लिए खतरनाक है, इसकी खेती करने से उपजाऊ क्षमता कमजोर होती है और फसलो को भी नुकसान पहुचता है| तो ऐसे मे राज्य के किसानों को चाहिए कि वे फसलो की पैदावार वढाने के लिए अच्छा विकल्प चुने और वे विकल्प केवल प्राकृतिक खेती यानि गाय आधारित खेती ही है|

प्राकृतिक खेती योजना के लाभ

  • प्राकृतिक खेती योजना का लाभ उतराखंड राज्य के किसानों को प्रदान होगा|
  • इस योजना के जरिए किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा|
  • जो किसान इस योजना से जुड़ेंगे उन्हे प्रति वर्ष प्राकृतिक खेती करने पर 5,000/- रुपये की प्रति हेक्टेयर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी|
  • ये खेती गाय के गोबर, गोमूत्र व कुछ घरेत्रू सामग्री के प्रयोग से की जा सकेगी|
  • प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को ट्रेनिग व अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएगी|
  • इस योजना के लिए 11 जिलों में क्लस्टर वनाकर प्राकृतिक खेती करने का कार्य किया जा रहा है|
  • इस योजना से जुड़ने वाले किसानो को अपने खेतों के रख-रखाव व उनके वचाव का कार्य करने मे मदद मिलेगी|
  • इस योजना से खेती की लागत को कम करने मे मदद मिलेगी|
  • प्राकृतिक खेती करने से फसलों की पैदावार मे वढोतरी होगी और किसानों की आय मे भी सुधार आएगा|

मुख्यमंत्री प्राकृतिक खेती योजना की मुख्य विशेषताऐं

  • किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित करना|
  • मृदा स्वास्थ्य और जैव विविधता में सुधार लाना|
  • प्राकृतिक खेती और पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण को प्रोत्साहान देना|
  • रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग किए बिना फसलों की पैदावार मे वढोतरी लाना|
  • किसानों की आर्थिक सिथति को मजबूत करना|
  • पात्र लाभार्थीयों को आत्म-निर्भर व सशक्त वनाना|

उत्तराखंड प्राकृतिक खेती योजना के लिए कैसे करे आवेदन

  • सवसे पहले लाभार्थीयों को योजना संवधित कार्यालय में जाना होगा|
  • उसके बाद आपको वहाँ से आवेदन फार्म प्राप्त करना है|
  • अब आपको इस फार्म में दी गई सारी जानकारी भरने के साथ आव्श्यक दस्तावेज अटैच करने हैं।
  • सारी प्रक्रिया हो जाने के बाद आपको इस फार्म को वहीं पे जमा करवा देना है, जहाँ से आपने आवेदन फॉर्म लिया हुआ था|
  • फार्म जमा करवाने और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको योजना का लाभ मिल जाएगा।

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवार असारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कॉमेट और लाइक जरूर करे|  

Last Updated on November 22, 2022 by Abinash

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