राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना 2022 | RGM | Rashtriya Gokul Mission : आवेदन प्रक्रिया | एप्लीकेशन फॉर्म

 

|| प्रधानमंत्री गोकुल मिशन योजना | PM Rashtriya Gokul Mission Yojana | राष्ट्रीय गोकुल मिशन RGM | Rashtriya Gokul Mission Scheme application form ||

 

देश के किसानो और पशुपालको की आमदनी मे सुधार करने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना को लागू किया गया है| जिसके जरिये सरकार दवारा स्वदेशी नस्लों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को पशु पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है| जिसके द्वारा दुग्ध उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि की जाती है| कैसे मिलेगा योजना का लाभ, योजना के लिए कौन-कौन पात्र हैं और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आरटीकल अंत तक पढ्ना होगा| तो आइए जानते हैं – राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के वारे मे|

RGM logo

 

Rashtriya Gokul Mission Yojana

भारत सरकार दवारा देश के किसानो और पशुपालको को लाभ पहुंचाने हेतु राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना को शुरू किया गया है| जिसके अंतर्गत स्वदेशी गोजातीय नस्लों का विकास किया जाता है, साथ ही उनके संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाता है और दूध उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार लाया जाता है| इस योजना से दूध की उत्पादकता में वैज्ञानिक रूप से वृद्धि करने के लिए भी काम किया जाएगा| जिससे पशुओं की संख्या में वृद्धि होगी और किसानो की आमदनी मे भी वढोतरी देखने को मिलेगी| योजना का लाभ पात्र लाभार्थीयों को रजिस्ट्रेशन करके प्राप्त होगा|

योजना का कार्यान्वयन

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का कार्यान्वयन राज्यों के पशुधन विकास बोर्ड जैसे संस्थानों के के माध्यम से किया जाता है| जिसके लिए फंड एकीकृत स्वदेशी पशु केंद्र, गोकुल ग्राम की स्थापना के लिए दिया जाता है| राज्य गौसेवा आयोग को SIA (एलडीबी) के प्रस्ताव को प्रायोजित करने और इन प्रायोजित प्रस्तावों की निगरानी का आदेश दिया गया है| जिनमे से स्वदेशी पशु विभाग में सर्वश्रेष्ठ जर्मप्लाज्म के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एजेंसियों मसलन, सीसीबीएफ, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि या पशुपालन विश्वविद्यालय, कॉलेज, एनजीओ, सहकारी समितियां और गौशालाएं जेसी एजेंसियां शामिल हैं|   

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का बजट

योजना के तहत राज्य सरकारों ने 2500 करोड़ रूपये का उदेश्य रखा गया था लेकिन इस योजना के माध्यम से सभी नागरिको को सहायता पहुचाने के लिए सरकार दवारा हाल ही मे  1841.75 करोड़ रूपये की राशि खर्च की गई है, और इस इसके आलावा Rashtriya Gokul Mission Yojana के तहत संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में कृषि और पशुपालन मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया की इस योजना को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्य में शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 2025 करोड़ रुपए की धन राशि को खर्च किया जाएगा|  

योजना का अवलोकन 

योजना का नाम राष्ट्रीय गोकुल मिशन
किसके दवारा शुरू की गई भारत सरकार दवारा
लाभार्थी देश के नागरिक
प्रदान की जाने वाली सहायता स्वदेशी नस्लों को बढ़ावा देकर किसानों को पशु पालन के लिए प्रोत्साहित करना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट

dahd.nic.in

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का आर्थिक उद्देश्य

  • दूध जैविक खाद
  • केंचुआ–खाद
  • मूत्र डिस्टिलेट
  • घरेलू खपत के लिए बायो गैस से बिजली का उत्पादन
  • पशु उत्पादों की बिक्री

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के लिए पात्रता

  • देश के स्थायी निवासी |
  • उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • पशुपालक और किसान
  • जो भारत के छोटे पशुपालक और किसान हैं, उन सभी को योजना के तहत आवेदन करने के लिए पात्र माना जाएगा और उसके लिए केवल वही किसान आवेदन कर सकते है।
  • यदि किसान सरकारी कर्मचारी है या वह सरकारी पेंशन लेते हैं तो वे योजना के लिए पात्र नहीं होगें|

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • स्थायी प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नम्वर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
गोकुल मिशन के अंतर्गत धन का वितरण
  • गोकुल मिशन के अंतर्गत एकीकृत पशु केंद्र जैसे – गोकुल ग्राम बनाना।
  • उच्च आनुवंशिकता क्षमता वाले स्वदेशी नस्ल के संरक्षण के लिए बुल मदर्स फॉर्म को मजबूत करना।
  • प्रजनन तंत्र में क्षेत्र प्रदर्शन रिकॉर्डिंग (FPR) का स्थापना करना।
  • जर्म प्लाज्म संरक्षण संस्थानों/संगठनों को सहायता प्रदान करना।
  • बड़ी आबादी के साथ स्वदेशी नस्ल के लिए वंशावली कार्यक्रम।
  • ब्रीडर्स सोसाइटी गोपालक संघ बनाना।
  • स्वदेशी नस्ल के कुलीन पशुओं को रखने में सहायता करना।
  • बछिया पालन कार्यक्रम, किसानों को पुरस्कार और ब्रीडर्स सोसाइटी बनाना।
  • स्वदेशी नस्ल के लिए समय-समय पर दुग्ध प्रतियोगिता करवाना।
  • स्वदेशी पशु विकास कार्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों में काम करने वाले तकनीकी और गैर तकनीकी लोगो के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था करना।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत गोकुल ग्राम की भूमिका
  • गोकुल ग्राम देशी पशु केंद्र और अधिनियम स्वदेशी नस्लों के विकास के लिए केंद्र के रूप में काम करता है|
  • ये गोकुल ग्राम मूल प्रजनन इलाकों और शहरी आवास के लिए मवेशियों के पास महानगरों में स्थापित है|
  • गायों के प्रजनन क्षेत्र में किसानों को उच्च आनुवंशिक प्रजनन स्टॉक की आपूर्ति के लिए एक मुख्य स्रोत है|
  • गोकुल ग्राम किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र में आधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है|
  • 1000 जानवरों की क्षमता वाले इन ग्रामों में दुग्ध उत्पादक और अनुत्पादक पशुओं का अनुपात 60:40 का है|
  • गोकुल ग्राम पशुओं के पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने हेतु घर में चारा उत्पादित करने के लिए बनाये गए हैं|
पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिए जाते हैं पुरस्कार

सरकार की तरफ से पशुपालन करने वाले लाभार्थीयों को निम्नलिखित पुरस्कार दिए जाते हैं, जो इस प्रकार हैं –

  • हर साल पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा दूसरे और तीसरे स्थान के लिए लाभार्थीयों को गोपाल रत्न और कामधेनु पुरस्कार दिए जाते हैं|
  • जो किसान स्वदेशी नस्लों के गोजातीय पशुओं के पालन में उत्कृष्ट काम करते हैं, उन्हें गोपाल रत्न पुरस्कार से नवाजा जाता है|
  • गोशालाओं और सर्वोत्तम प्रबंधित ब्रीडर्स सोसायटी को कामधेनु पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाता है|

Rashtriya Gokul Mission Yojana

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के प्रमुख लाभ
  1. स्वदेशी नस्लों का विकास और संरक्षण|
  2. स्वदेशी नस्लों के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम ताकि आनुवंशिक संरचना में सुधार हो सके और स्टॉक में वृद्धि हो|
  3. रोग मुक्त उच्च आनुवांशिक गुण वाली मादा आबादी को बढ़ाकर और रोगों के प्रसार को नियंत्रित करके बोवाइन आबादी के दुग्ध उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना|
  4. गिर, साहीवाल, राठी, देओनी, थारपरकर, लाल सिंधी जैसी उत्कृष्ट स्वदेशी नस्लों का उपयोग करके नॉन-डिस्क्रिप्ट गोपशुओं का उन्नयन करना|
  5. प्राकृतिक सेवा के लिए रोग मुक्त उच्च आनुवंशिक गुणता वाले बैलों का वितरण|
  6. उच्च आनुवांशिक गुणता वाले जर्म प्लाज़्म का उपयोग करके एआई या प्राकृतिक सेवा के जरिए सभी प्रजनन योग्य मादाओं को संगठित प्रजनन के तहत लाना|
  7. किसानों के घर पर गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं की व्यवस्था करना|
  8. प्रजनकों और किसानों को जोड़ने के लिए बोवाइन जर्मप्लाज्म के लिए ई-मार्केट पोर्टल बनाना|
  9. सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी मुद्दों को पूरा करके पशुधन और पशुधन उत्पादों के व्यापार में वृद्धि करना|
  10. जीनोमिक्स का प्रयोग करके कम उम्र के उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले प्रजनन बैलों का चयन करना।
योजना की मुख्य विशेषताएं  
  • वैज्ञानिक और समग्र तरीके से स्वदेशी पशु पालन और संरक्षण को बढ़ावा देना।
  • स्वदेशी नस्लो का उत्पादकता बढ़ाने और पशु उत्पादकों का आर्थिक रूप से लाभ
  • प्राकृतिक सेवा के लिए उच्च अनुवंशिक योग्यता वाले सांढ़ का वितरण।
  • स्वदेशी नस्लो के उच्च आनुवंशिकता योग्यता वाले बैलों का प्रचार करना।
  • दुग्ध उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना।
  • प्रजनन कवरेज को बढ़ने तथा प्रजनन नेटवर्क को मजबूती प्रदान करना
राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

Rashtriya Gokul Mission Scheme

  • अब आपको इस फार्म मे पुछी गई सारी जानकारी दर्ज करने के बाद जरुरी दस्तावेज भी अटैच करने होगें|
  • सारी प्रक्रिया होने के बाद आप को ये फार्म सवन्धित कार्यालय मे जाकर जमाँ करवा देना है|
  • इस तरह आपका योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया जाएगा|

आशा करता हूं आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेट और लाइक जरूर करें|    

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