दूध गंगा योजना 2022 | ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म | पात्रता व उद्देश्य

 

|| Himachal Pradesh Doodh Ganga Yojana | दूध गंगा योजना | HP Doodh Ganga Scheme Online Registration | Application Form || हिमाचल प्रदेश सरकार दवारा राज्य के किसानो की आय मे सुधार करने के लिए दूध गंगा योजना को लागू किया गया है| जिसके जरिये किसानो को अच्छी नस्ल की गाय व भैंस खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी| जिससे प्रोत्साहित होकर किसान योजना के जरिये अपने व्यवसाय को आगे वढा सकेंग| कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढ्ना होगा| तो आइए जानते हैं – दूध गंगा योजना के वारे मे|

Doodh Ganga

 

Doodh Ganga Yojana

दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार दवारा दूध गंगा योजना को शुरू किया गया है| जिसके अंतर्गत किसानों को दुधारू पशु पालने से लेकर बड़े स्तर पर बिजनेस करने के लिए सहयोग प्रदान किया जाएगा। जिसके लिए किसानों को अधिकतम 24 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाएगा, जिस पर उन्हे सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। इस योजना से राज्य के किसान दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अच्छी कमाई भी कर सकेंगे|

योजना का अवलोकन

योजना का नाम दूध गंगा योजना
किसके दवारा शुरू की गई हिमाचल प्रदेश सरकार दवारा
लाभार्थी राज्य के नागरिक
प्रदान की जाने वाली सहायता दुधारू पशु पालने के लिए और बड़े स्तर पर व्यापार करने हेतु सहयोग प्रदान करना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट hpagrisnet.gov.in

HP दूध गंगा योजना का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ लाभार्थियो को अपने व्यापार को आगे ले जाने मे सहायता प्रदान करना है|

दूध गंगा योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी 

दूध गंगा योजना के तहत SC/ ST वर्ग के किसानों को 33% व सामान्य वर्ग के किसानों को 25% सब्सिडी मिलेगी। केंद्र के अलावा किसानों को राज्य सरकार की ओर से देशी गाय व भैंस खरीदने पर 20% और जर्सी गाय खरीदने पर 10% अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी|

इस परियोजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं –

  1. दूध गंगा योजना के तहत किसानों को 2 से 10 दुधारू पशुओं के लिए 5 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाएगा|
  2. 5 से 20 का बछड़ा पालन के लिए लाभार्थीयों को 4.80 लाख रुपए का ऋण मिलेगा|
  3. वर्मी कम्पोस्ट (दुधारू गायों के इकाई के साथ जुड़ा होगा) के लिए 0.20 लाख रुपए का ऋण दिया जाएगा|
  4. दूध दोहने की मशीन/मिल्कोटैस्टर/ बड़े दूध कूलर इकाई (2000 लीटर तक) के लिए 18.00 लाख रुपए की ऋण सहायता प्रदान की जाएगी|
  5. दूध से देसी उत्पाद बनाने की इकाइयों के लिए 12.00 लाख तक का ऋण दिया जाएगा|
  6. दूध उत्पादों की ढुलाई तथा कोल्ड चैन सुविधा के लिए 24.00 लाख रुपए तक ऋण प्रदान लाभार्थी किसानो को मिलेगा|
  7. दूध व दूध उत्पादों के शीत भंडारण यानि कोल्ड स्टोरेज के लिए 30.00 लाख रुपए तक की ऋण सहायता दी जाएगी|

निजी पशु चिकित्सा इकाइयों के लिए ऋण व्यवस्था-

(क) मोबाइल इकाई के लिए 2.40 लाख रुपए का ऋण दिया जाएगा|

(ख) स्थाई इकाई के लिए 1.80 लाख रुपए तक ऋण मिलेगा|

  • दूध उत्पाद बेचने हेतू बूथ स्थापना के लिए 0.56 लाख रुपए तक ऋण लाभार्थियो को दिया जाएगा|
  • सामान्य वर्ग के लिए 25% तथा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के पशुपालकों को ऋण पर 33.33% अनुदान अंत में समायोजित करने का प्रावधान होगा|
  • ऋणदाता को कुल ऋण की 10% सीमांत राशि अग्रिम रूप में संबंधित बैंक में जमा करवाई जाएगी|

दूध गंगा योजना के लिए 50% ऋण ब्याज मुक्त होगा

योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 10 पशुओं के डेयरी फार्म के लिए 3 लाख रुपए की लागत से ऋण दिया जाएगा। जिसमे 50% ऋण ब्याज मुक्त होगा, यानि लाभार्थी को केवल 1.5 लाख रुपए की राशि पर ही ब्याज चुकाना होगा।

HP दूध गंगा योजना के लाभार्थी

  • सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति व् अनुसूचित जनजाति के पशुपालक
  • व्यक्ति विशेष,
  • स्वयं सहायता समूह,
  • गैर सरकारी संगठन,
  • दुग्ध संगठन,
  • दुग्ध सहकारी सभाएं,
  • तथा कंपनियां इत्यादि

इस परिवार के एक से ज्यादा सदस्य भी इस योजना के अंतर्गत अलग-अलग इकाइयां अलग-अलग स्थानों पर स्थापित करके योजना का लाभ उठा सकते हैं| उसके लिए उनके द्वारा स्थापित इकाइयों की आपस की दूरी कम से कम 500 मीटर की होनी चाहिए|

Doodh Ganga scheme

दूध गंगा योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • स्थायी प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • जमीनी दस्तावेज
  • बैंक खाता
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नम्वर

हिमाचल दूध गंगा योजना के लाभ

  • दूध गंगा योजना का लाभ हिमाचल प्रदेश के नागरिको को प्रदान किया जाएगा|
  • इस योजना के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े पैमाने पर डेयरी उत्पादों और संबंधित गतिविधियों की खुदरा बिक्री के लिए प्रेरित करना है, जो उनके आर्थिक स्तिथि को बढ़ाने में मदद करेगा|
  • दूध गंगा योजना के मद्देनज़र राज्य में 350 लाख लीटर दूध का उत्पादन प्रतिवर्ष किया जाएगा|
  • इस योजना के तहत डेयरी फार्मिंग में लगे सूक्ष्म उद्यमों को संगठित डेयरी व्यवसाय उद्यमों में बदलना है|
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को सब्सिडी भी दी जाएगी| यह सब्सिडी उत्तम नस्ल की गाय व भैंस खरीदने पर मिलेगी|
  • इस योजना के लिए स्वयं सहायता समूहों को 10 पशुओं के डेयरी फार्म के लिए 3 लाख रुपये की लागत से ऋण प्रदान किया जाएगा| जिसमे से 50 प्रतिशत ऋण ब्याज मुक्त होगा|
  • इस योजना के तहत अधिकतम 24 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाएगा|
  • लाभार्थीयों को मिलने वाली ये राशि सीधे उनके बैंक खाते मे DBT मोड के जरिये स्थानातरित की जाएगी|
  • जाति के आधार पर लाभार्थीयों को मिलेगा सब्सिडी का लाभ|
  • इस योजना से राज्य मे पशुपालन को वढावा मिलेगा|
  • जो लोग पशुपालन का व्यवसाय करना चाहते हैं, यह योजना उनकी आय मे सुधार करेगी|
  • इस योजना से राज्य मे रोजगार के अवसर वढेगे|

दूध गंगा योजना की मुख्य विशेषताएँ

  • स्वच्छ दूध उत्पादन के लिए आधुनिक डेयरी फार्म तैयार करना।
  • उत्तम नस्ल के दुधारू पशुओं को तैयार करने तथा उनके संरक्षण हेतु बछड़ी पालन को प्रोत्साहन देना।
  • असंगठित क्षेत्र में आधारभूत बदलाव लाकर दूध के आरंभिक उत्पादों को गांव स्तर पर ही तैयार करवाना।
  • दूध उत्पादन के परंपरागत तरीकों को उन्नत कर व्यावसायिक स्तर पर लाना।
  • स्वरोजगार उत्पन्न करना तथा असंगठित डेयरी क्षेत्र को मूलाधार सुविधा प्रदान करना।

दूध गंगा योजना के लिए कैसे करे ऑनलाइन आवेदन

Doodh Ganga scheme online

  • उसके बाद आपको दूध गंगा योजना के लिंक पे किलक करना है| 
  • अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा|
  • इस फॉर्म मे आपको सारी जानकारी दर्ज करनी होगी, और जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे|
  • सारी प्रक्रिया होने के बाद आपको अंत मे Submit के बटन पे किलक कर देना है|
  • इस तरह आपके दवारा योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया जाएगा|

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेट और लाइक जरूर करे| 

Last Updated on November 13, 2022 by Abinash

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