झारखंड वैकल्पिक खेती योजना 2022 | आवेदन प्रक्रिया | पात्रता व उद्देश्य

 

|| Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana | वैकल्पिक खेती योजना | Jhar Vaikalpik Kheti Scheme Registration Process || झारखंड सरकार दवारा राज्य के किसानों की आय मे सुधार लाने के लिए वैकल्पिक खेती योजना को लागु किया गया है| जिसके माध्यम से किसानों को वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है| इस योजना से बारिश की कमी के कारण फसलों की खेती करने वाले किसानों की परेशानियों को दूर किया जाएगा| तो आइए जानते हैं क्या है, ये योजना और कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ|

Jharkhand Vaikalpik Kheti

 

Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana

वैकल्पिक खेती योजना झारखंड सरकार दवारा किसानों के हित के लिए शुरू की गई प्रमुख योजना है| इस योजना के अंतर्गत राज्य के किसानों को धान के साथ अरहर, उरद, कुलथी, मक्का, तोरिया, मूंग, ज्वार और मडुआ के छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज अनुदान पर दिए जाते हैं| ये बीज कम बारिश में भी प्रभेद सफल होने की क्षमता रखते हैं और सूखा पड़ने के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करते हैं| जिससे राज्य के किसानो को सूखा होने पर निरंतर खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा इस योजना के जरिए 5 लाख किसानों को अनुदानित बीज प्रभेद उपलब्ध करवाएगी, ताकि किसान अपने फसलो की खेती बिना किसी डर के कर सकेंगे|

किसानों को मिलेंगे अनुदानित दर पर प्रभेद

सुखा प्रतिरोधी कम अवधि उड़द प्रभेद PU-31 बीज 50% अनुदानित दर पर ₹64 प्रति किलो पर खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के FPO तोरपा महिला कृषि बागवानी स्वालम्बी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

योजना का अवलोकन

योजना का नाम झारखंड वैकल्पिक खेती योजना
किसके दवारा शुरू की गई झारखंड सरकार दवारा
लाभार्थी राज्य के किसान
प्रदान की जाने वाली सहायता

दलहन, तिलहन व सब्जियों की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना

आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइट kccjharkhand.in

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैकल्पिक खेती जैसे- दलहनी, तिलहनी एवं सब्जियों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है|

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वैकल्पिक खेती योजना के लिए पात्रता 

  • आवेदक को झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए|
  • लाभार्थी किसान होना चाहिए|

आवश्यक दस्तावेज

  • स्थायी प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता
  • पासपोर्ट साइज फ़ोटो

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के लाभ

  • झारखंड सरकार दवारा राज्य के किसानों के कल्याण के लिए वैकल्पिक खेती योजना की शुरुआत की गई है|
  • इस योजना के अंतर्गत किसानों को दलहन तिलहन एवं सब्जियों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है|
  • योजना का लाभ प्रदान करने के लिए किसानों को धान के साथ अरहर, उरद, कुलथी, मक्का, तोरिया, मूंग, ज्वार और मडुआ के छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज अनुदान पर दिए जाते हैं|
  • इन बीजों की खास वात यह है कि, यह बीज कम वर्षा में भी प्रभेद सफल होने की क्षमता रखते हैं।
  • इस योजना को झारखंड सरकार द्वारा राज्य की सूखे की स्थिति ध्यान मे रखते हुए शुरू किया गया है।
  • इस योजना से राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा|
  • राज्य मे फसलो की पैदावार वढेगी|
  • इस योजना से अब किसानों की फसलो को नष्ट होने से वचाया जा सकेगा|

वैकल्पिक खेती योजना की मुख्य विशेषताएं

  • किसानों की आय मे सुधार लाना
  • कम बारिश से फसलो को होने वाले नुकसान से वचाना
  • किसानों को वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना|
  • लाभार्थी किसानों को आत्म-निर्भर व सशकत वनाना|

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के लिए कैसे करे आवेदन

  • सबसे पहले लाभार्थी को तोरपा महिला कृषि बागवानी स्वालम्बी सहकारी समिति लिमिटेड सदस्य की FPO के CEO प्रिय रंजन से समन्वय स्थापित करना है।
  • उसके बाद आपको ब्लॉक चैन प्रणाली में अपना पंजीकरण करवाना होगा|
  • पंजीकरण करवाने के बाद आप अनुदानित छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज खरीद सकते हैं, और इस योजना का लाभ ले सकते हैं|

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगए तो कॉमेट और लाइक जरूर करे|

Last Updated on September 17, 2022 by Abinash

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