[PMMSY] प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2022 | ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

 

|| PM Matsya Sampada Yojana | प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना | Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Online Registration | PMMSY Application form | PMMSY Mobile App Download || मछली का उत्पादन और मत्स्य निर्यात के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार दवारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को लागू किया गया है| जिसके अंतर्गत मछली पालन व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि करने के साथ ही उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जाता है| जिससे जलीय कृषि को बढ़ावा मिलेगा ताकि जलीय क्षेत्रों में व्यवसाय को एक बड़े पैमानें तक बढ़ाने मे मदद मिलेगी। कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ और इसके अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा| ये सारी जानकारी लेने के लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढ्ना होगा| तो आइए जानते हैं – प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के वारे मे|

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana 

केंद्र सरकार द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को शुरू किया गया है| इस योजना को ब्ल्यू रेवोल्यूशन नाम से भी जाना जाता है। योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 20,050 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। समुद्री यानी जलीय क्षेत्रों से नाता रखने वाले और जलीय कृषि का काम करने वाले योजना के माध्यम से काफी कम ब्याज दर पर लोन ले सकेंगे। जिसमे से किसान क्रेडिट कार्ड को इस योजना से जोड़ा गया है। इसके अलावा समुद्री तूफान, बाढ़, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदा की वजह से मछुआरों को होने वाले नुकसान की भरपाई भी इस योजना के माध्यम से प्रदान की जाएगी| इस योजना से देश में मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा और मछली की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा साथ ही मत्स्य पालन करनें वाले लोगो को जिले स्तर पर विभाग द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जायेगा | आने वाले 4-5 वर्षों में अतिरिक्‍त 70 लाख टन मछली का उत्‍पादन हो सकेगा|

योजना के मुख्य पहलु

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना रैंच एंट्रीवे से रिटेल आउटलेट तक श्रृंखला के मौजूदा ढांचे में सुधार करेगी।
  • राष्ट्र में भोजन तैयार करने वाले हिस्से के विकास का विस्तार करेगी।
  • यह जीडीपी, रोजगार और उद्यम का निर्माण करेगी।
  • यह योजना बागवानी वस्तुओं की भारी बर्बादी को कम करने में मदद करती है।
  • यह पशुपालकों को बेहतर लागत देने और उनके वेतन को दुगना करने में मदद करेगी।
  • एक किफायती, सक्षम, व्यापक और समरूप तरीके से मत्स्य पालन क्षमता को वढाएगी|
  • इस योजना से भूमि और पानी के विकास, ऊंचाई, चौड़ीकरण और लाभकारी उपयोग के माध्यम से मछली निर्माण और दक्षता में सुधार आएगा|
  • योग्यता श्रृंखला का आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण – अधिकारियों की कटाई के बाद और गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा|
  • मछुआरे और मछली पालकों की आमदनी बढ़ेगी|
  • कृषि जीवीए और किरायों के प्रति प्रतिबद्धता में सुधार देखने को मिलेगा|
  • मछुआरों और मछली पालकों के लिए सामाजिक, भौतिक और वित्तीय सुरक्षा प्रदान होगी|

मत्स्य संपदा योजना का अवलोकन

योजना का नाम मत्स्य संपदा योजना
किसके दवारा शुरू की गई भारत सरकार दवारा
लाभार्थी देश के नागरिक
प्रदान की जाने वाली सहायता मछली के कारोबारी और जलीय कृषि का काम करने वाले लोगो को आर्थिक सहायता प्रदान करना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट

dof.gov.in/pmmsy

योजना के मुख्य लक्ष्य

योजना का लाभ देने के लिए सरकार दवारा महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है –

  • 2024-25 तक अतिरिक्त 70 लाख टन मछली उत्पादन बढ़ाना,
  • मत्स्य निर्यात आय बढ़ाकर 1,00,000 करोड़ रुपये,
  • मछुआरों और मछलियों की आय दोगुनी करना
  • कटाई के बाद के नुकसान को 20-25% से घटाकर लगभग 10% करना
  • मत्स्य पालन क्षेत्र और संबद्ध गतिविधियों में किसानों के लिए अतिरिक्त 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभकारी रोजगार के अवसर पैदा करना आदि|

मत्स्य पालन शिक्षा के लिए सर्टिफिकेट कोर्स का होगा आरंभ

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने विभिन्न प्रकार की योजनाएं शुरू की हैं। अब बिहार के किसान मछली को दूसरे राज्यों में निर्यात कर सकेंगे और दूसरे राज्यों में मछली की खपत को पूरा कर सकेंगे। अराबारी के मात्स्यिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों को मत्स्य शिक्षा की सुविधा प्रदान करने में राज्य सरकार दवारा योगदान दिया जाएगा। जिसमे से मत्स्य पालन शिक्षा प्रदान करने के लिए सभी मत्स्य महाविद्यालयों में इस वर्ष सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे जो कि अरबारी में स्थित हैं। सरकार जल्द ही मैनपावर समेत अन्य संसाधनों का विकास पूरा करेगी। जिसके लिए कॉलेज के अधिकारियों दवारा भविष्य की योजना पहले ही बना ली गई है|

योजना का बजट

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत लगभग 21 राज्यों से प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से सरकार द्वारा सभी के प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है, और इन सभी के प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए सरकार के द्वारा 1681.32 करोड रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट से देश में मत्स्य संपदा मे वृद्धि लायी जाएगी और देश के मछुआरे की आय में भी वढ़ोतरी होगी, जिससे वे अपना जीवन यापन अच्छे से कर सकेंगे|

योजना का कार्यान्वयन

सरकार के पास 6000 रुपये खर्च करने की योजना होगी और उसे 31,400 करोड़ रुपये की अटकलों को रोकना होगा। 1 लाख 4 हजार 125 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 334 लाख मीट्रिक टन कृषि क्षेत्र का सुधार होगा। जिससे लगभग 2 मिलियन पशुपालकों को लाभ पहुंचेगा| देश में लगभग 5 लाख 30 हजार तत्काल या बैकहैंड कार्य का उत्पादन करेंगे। प्रशासन ने मछली निर्माण के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया है और वह है नीली क्रांति के तहत 15 मिलियन टन के लक्ष्य को पूरा करेगा और जिसे 2022-23 तक लगभग 20 मिलियन टन तक बढ़ाया जाएगा|

PMMSY- Bihar

राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष के लिए प्रमुख घटकों के लिए 7 करोड़ की परियोजना लागत को मंजूरी दी गई है, जो कि कुछ इस प्रकार है –

  • री-सर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम की स्थापना,
  • जलीय कृषि के लिए जैव प्रवाह तालाबों का निर्माण,
  • फिनफिश हैचरी,
  • जलीय कृषि के लिए नए तालाबों का निर्माण,
  • सजावटी मछली पालन इकाइयां,
  • जलाशयों/आर्द्रभूमियों में पिंजरों की स्थापना,
  • बर्फ के पौधे,
  • प्रशीतित वाहन,
  • आइस बॉक्स के साथ मोटरसाइकिल,
  • मछली फ़ीड पौधे,
  • आइस बॉक्स के साथ तीन पहिया,
  • आइस बॉक्स के साथ सर्कल,
  • विस्तार और सहायता सेवाएं (मत्स्य पालन सेवा केंद्र),
  • ब्रूड बैंक आदि की स्थापना।

मत्स्य संपदा योजना का प्रभाव

PM मत्स्य संपदा योजना का भारत में मत्स्य पालन के समग्र समुदाय पर विभिन्न प्रकार के प्रभाव पडे हैं, जो इस प्रकार है

  • 2024 तक मछली उत्पादन को 137.58 लाख मैट्रिक टन से बढ़ा कर 220 लाख मैट्रिक टन करने में मदद मिलना|
  • मछली उत्पादन में लगभग 9 पर्सन की औसत वार्षिक वृद्धि को बनाए रखना|
  • 2019 में कृषि GVA के 7.28% से कृषि क्षेत्र के GVA के योगदान को 2024 तक लगभग 9 परसेंट तक बढ़ाने में मदद करना|
  • योजना के अंतर्गत 2024-25 तक 46589 करोड रुपये से लगभग 1 करोड रुपए तक निर्यात आय को दोगुना करना|
  • योजना से वर्तमान राष्ट्रीय औसत 3 टन से लगभग 5 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में सुधार लाया जाएगा|
  • योजना के बाद फसल नुकसान को 25% से घटाकर लगभग 10% किया जाएगा।
  • घरेलू मछलियों की खपत को 5 से 6 किलोग्राम से लगभग 12 किलोग्राम प्रति व्यक्ति करने में मदद मिलेगी|
  • यह योजना आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में लगभग 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाएं पैदा करेगी।

मछली पालन क्षेत्र से संबंधित उद्घाटन

  • फिश ब्रुड बैंक की स्थापना
  • किशनगंज में जलीय रोग रेफरल प्रयोगशाला की स्थापना।
  • नीली क्रांति के तहत मेधा पूरा में वन यूनिट फिश फीड मिल का उद्घाटन
  • नीली क्रांति के तहत पटना में रिफ्रेश ऑन व्हील का उद्घाटन
  • डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा बिहार में व्यापक मछली उत्पादन प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन

Pradhan Mantri Matsya Sampada

मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत लाभार्थी

  • मछुआरे
  • मछली किसान
  • मछली श्रमिकों और मछली विक्रेता
  • मत्स्य विकास निगम
  • मत्स्य पालन क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह
  • केंद्र सरकार और इकाइयां
  • मत्स्य सहकारिता
  • मत्स्य पालन संघ
  • उद्यमी और निजी फर्म
  • मछली किसान उत्पादक संगठन
  • एससी एसटी महिला अलग-अलग विकलांग व्यक्ति
  • राज्य सरकारों संघ शासित प्रदेशों और उनकी संस्थाओं
  • राज्य पशुपालन विकास बोर्ड
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभ
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को पूरे देश में लागू किया गया है।
  • इस योजना के जरिये जलीय क्षेत्रों से नाता रखने वाले मछली के कारोबारी और जलीय कृषि का काम करने वाले लोग योजना की मदद से 3 लाख रुपए तक का लोन ले सकेंगे|
  • मत्स्य संपदा योजना से KCC यानी किसान क्रेडिट कार्ड को भी जोड़ा गया है, जिसके द्वारा कम ब्याज दर पर कर्ज उठाया जा सकेगा|
  • किसान क्रेडिट कार्ड धारक 4 फीसदी ब्याज दर पर 3 लाख रुपए तक का लोन ले सकेंगे|
  • यदि वे समय पर अपने लोन का भुगतान कर देते हैं तो उन्हें ब्याज पर छूट दी जाएगी|
  • किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मछली, झींगा मछलियों के पालन के लिए भी लोन लिया जा सकेगा|
  • इस योजना से करीब 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा|
  • केंद्र सरकार दवारा इस योजना के लिए 20,050 करोड़ रुपए का फंड निर्धारित किया गया है।
  • योजना के अंतर्गत मरीन, इनलैंड फिशरीज और एक्वाकल्चर के लिए 12340 करोड़ रुपए और फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु करीब 7710 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित हुआ है|
  • योजना की मदद से मछलियों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, और आने वाले 4-5 वर्षों में अतिरिक्‍त 70 लाख टन मछली का उत्‍पादन हो सकेगा|
मत्स्य संपदा योजना की मुख्य विशेषताएँ
  • बागवानी को बढ़ावा देकर कृषि अपशिष्ट को संभालना।
  • भूमि और पानी के विकास उचाई चौड़ीकरण और लाभकारी उपयोग के माध्यम से मछली निर्माण में सुधार लाना
  • मछुआरा और मछली पालन वालों की कमाई में बढ़ोतरी लाना।
  • वेंचर्स को बेहतर लागत देने और उनके वेतन को दोगुना करने में मदद मिलना|
मत्स्य संपदा योजना के दिशा-निर्देश
  • योजना के कार्यान्वयन के लिए अपेक्षित फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज और एंड-टू-एंड समाधानों के साथ इष्टतम परिणाम प्राप्त करने के लिए क्लस्टर या क्षेत्र-आधारित दृष्टिकोण का उपयोग किया जाएगा।
  • एक्वाकल्चर के लिए उत्पादन और उत्पादकता, गुणवत्ता, बंजर भूमि और पानी के उत्पादक उपयोग को बढ़ाने के लिए री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, बायोफ्लोक, एक्वापोनिक्स, केज कल्चर आदि जैसी विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
  • खारे पानी और खारे इलाकों में ठंडे पानी की मात्स्यिकी के विकास और जलीय कृषि के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
  • रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने के लिए समुद्री कृषि, समुद्री शैवाल की खेती और सजावटी मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, द्वीपों, पूर्वोत्तर और प्रेरक जिलों में क्षेत्र-विशिष्ट विकास योजनाओं के विकास के साथ मत्स्य पालन पर ध्यान दिया जाएगा।
  • इस योजना में आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत आधुनिक तटीय मछली पकड़ने वाले गांवों द्वारा तटीय मछुआरा समुदाय का विकास समग्र रूप से किया जाएगा।
  • मछुआरों और मछली किसानों की सौदेबाजी की शक्ति को बढ़ाने के लिए मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से सामूहिककरण किया जाएगा
  • योजना के तहत एक्वापार्क को विविध मात्स्यिकी गतिविधियों/सुविधाओं के हब के रूप में विकसित किया जाएगा
  • PMMSY के तहत सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के माध्यम से मत्स्य पालन ऊष्मायन केंद्रों (FICs) की स्थापना का समर्थन किया जाएगा।
  • अनुसंधान और विस्तार सहायता सेवाओं को मजबूत करने के लिए कृषि अनुसंधान, शिक्षा विभाग (DARE) और ICAR के साथ अपेक्षित अभिसरण बनाया जाएगा|
  • प्रतिबंध अवधि के दौरान मछुआरों आदि को वार्षिक आजीविका सहायता प्रदान की जाएगी।
मत्स्य संपदा योजना के लिए कैसे करें आवेदन

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana online

  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • जिसमे आपको आवेदन करें के बटन पर क्लिक करना होगा।
  • उसके बाद आपके सामने Application form खुलकर आएगा।
  • इस फॉर्म में आपको पुछी गई सारी जानकारी जैसे name, date of birth, gender आदि दर्ज करने होंगे|
  • सारी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको आवश्यक दस्तावेजो को भी अटैच करने होगा|
  • उसके बाद आपको अंत मे सबमिट के बटन पर क्लिक कर देना है|
  • इस तरह आपके दवारा योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया जाएगा|
ई गोपाला ऐप [e-Gopala app] 
  • ए गोपाला ऐप को किसानों के हितो को ध्यान मे रखकर शुरू किया गया है जिसकी मदद से किसान पशु धन सहित प्रबंधन कर सकेंगे|
  • सभी रूप में रोग मुक्त जर्म्प्लाज्म को खरीदना और बेचना आसान होगा|
  • पशुओं के पोषण के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रजन सेवाओं और मार्गदर्शन किसानों की उपलब्धता हो सकेगी|
  • उपयुक्त आयुर्वेदिक दवा नवशविज्ञान विज्ञान चिकित्सा का उपयोग करने वाले जानवरों का उपचार प्रक्रिया आसान होगी|

e Gopala app Download Link 

Important Download

आशा करता हूँ आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी| आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेट और लाइक जरूर करे|

Last Updated on July 29, 2022 by Abinash

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