Updated : Jul 31, 2020 in Yojana

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 | शिक्षा का होगा विस्तार | पूरी जानकारी | कैसे मिलेगा लाभ

राष्ट्रीय शिक्षा नीति | National Education Policy | NEP राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 | NEP National Education Policy 2020 | पात्रता / लाभ / उद्देश्य / विशेषताएं |  NEP 2020

 

नई शिक्षा नीति 1986 की शिक्षा नीति की जगह पर लागू की गई है। जिसमें तीन साल से 18 साल तक के बच्चों को शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के अंदर रखा जाएगा और सभी छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस नई नीति में शिक्षा को लेकर वडे वदलाव किए गए हैं। क्या है ये नई योजना और कैसे मिलेगा लाभ्। इसके लिए आपको ये आर्टीकल अंत तक पढना होगा। तो आइए जानते हैं – राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 के वारे में।

            

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 | National Education Policy NEP 2020

 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि COVID-19 महामारी के चलते सभी स्कूल और कॉलेज वंद हैं। ऐसे में वच्चों की पढाई को कोई नुकसान न हो। उसके चलते केंद्र सरकार दवारा 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है। इस नई नीति में 34 साल के वाद कई बड़े बदलाव किए गए हैं। जिसमें बच्चों पर से बोर्ड परीक्षा के भार को कम किया जाएगा और उच्च शिक्षा के लिए भी अब सिर्फ एक नियामक प्रक्रिया का चलन होगा। इस नई नीति के जरिए पढ़ाई बीच में छूटने पर पहले की पढ़ाई बेकार नहीं होगी। एक साल की पढ़ाई पूरी होने पर सर्टिफिकेट और दो साल की पढ़ाई पर डिप्लोमा सर्टिफिकेट वच्चों को दिया जाएगा। इसके अलावा 2030 तक प्री-प्राइमरी से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक 100% और उच्च शिक्षा में 50% प्रवेश दर हासिल करने का प्रावधान है । शिक्षा स्तर में सुधार करने और उसे वेहतर वनाने के लिए शिक्षा पर सरकारी खर्च 4.43% से बढ़ाकर GDP का 6% तक करने का लक्ष्य रखा गया है।   

उद्देश्य | An Objective

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 को शुरु करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा स्तर को वढावा देने के लिए बच्चों पर से बोर्ड परीक्षा के भार को कम करना है और उच्च शिक्षा के लिए भी सिर्फ एक नियामक प्रक्रिया को चलाना है।        

पात्रता | Eligibility

  • देश के स्थायी निवासी
  • स्कूल और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से होने वाले लाभ | Benefits of The National education policy

इस नई शिक्षा नीति के जरिए देश में शिक्षा व्यावस्था में कई सुधार देखने को मिलेगें। जिसमे स्कूल स्तर से लेकर ग्रेजुएशन तक में कई अहम बदलाव किए गए हैं। देश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों से छात्रों का शारीरिक और शैक्षिक विकास होगा और शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। इस नीति के मुताविक जो फायदे होगें उनका विवरण इस प्रकार है:-       

  • स्कूलों में 12 खत्म होगी, अब 5+3+3+4 फॉर्मेंट लागु होगा | Schools will finish 12, now 5 + 3 + 3 + 4 formats will be applied

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 में अब स्कूलों के पहले 05 साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के 03 साल और कक्षा 01 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज को शामिल किया जाएगा। इन 05 सालों की पढ़ाई के लिए एक नया पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। जिसमें 03 साल का स्टेज कक्षा 3 से 5 तक का रहेगा । इसके बाद 3 साल के मिडिल स्टेज में यानी कक्षा 6 से 8 तक का स्टेज होगा । इस नई नीति के जरिए अब 06 से बच्चे को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा की जानकारी मिलेगी । इसके अलावा स्थानीय स्तर पर इंटर्नशिप भी करवाई जाएगी। चौथी स्टेज (कक्षा 9 से 12वीं तक) 4 साल की होगी। इस स्टेज में छात्रों को अपना विषय चुनने की आजादी मिलेगी। साइंस या गणित के साथ फैशन डिजाइनिंग भी पढ़ने की आजादी छात्रों को मिलेगी। जविक पहले कक्षा 01 से 10 तक सामान्य पढ़ाई होती थी और कक्षा 11 में पहुंचने पर छात्रअपना विषय चुनते थे। लेकिन सरकार दवारा किए गए वदलाव से अब छात्रों पर शिक्षा प्राप्त करने का वोझ कम होगा।

  • 5वीं कक्षा तक मातृभाषा में पढ़ाई होगी | Will be studying in mother tongue till 5th grade

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 में कक्षा पांचवीं से आठवीं तक मातृभाषा में ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने में आसानी होगी और उन पढाई का बोझ भी नहीं पढेगा।       

रिपोर्ट कार्ड में भी होगा बदलाव | There will also be a change in report card

इस नई नीति के मुताविक बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में भी बदलाव किया जाएगा। उनका 03 स्तर पर आकलन होगा। जिसमें आकलन एक स्वयं छात्र करेगा, दूसरा सहपाठी और तीसरा उसका शिक्षक। नेशनल एसेसमेंट सेंटर-परख बनाया जाएगा जो बच्चों के सीखने की क्षमता का समय-समय पर परीक्षण उपलव्ध करवाएगा। इसके अलावा 100% नामांकन के जरिए पढ़ाई छोड़ चुके करीब 02 करोड़ बच्चों को फिर दाखिला दिलाया जाएगा। ताकि उन्हें भी इसका लाभ मिल सके। 

  • 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा आसान होगी | 10th and 12th board exams will be easy

नई शिक्षा नीति के मुताविक अब 10 वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बड़े बदलाव होगें। जिसमें बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को कम किया जाएगा। बोर्ड परीक्षा में मुख्य फोक्स ज्ञान के परीक्षण पर रहेगा ताकि छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को खत्म किया जाए। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों में हमेशा दबाव और डर का माहोल रहता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शिक्षा नीति के तहत अब बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल मॉडल जैसे वार्षिक, सेमिस्टर और मोड्यूलर को तैयार किया जाएगा। 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बदले स्वरूप में जारी रहेंगी। बोर्ड की परीक्षाओं को आसान और सुविधा जनक वनाया जाएगा। ताकि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा देते समय छात्रों पर भय का माहौल न हो।       

  • स्कूलों में स्पेशल सिलेबस तैयार होगा | Special syllabus will be ready in schools

नई नीति में तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। जिसमें 03 से 06 वर्ष तक की आयु के बच्चे शामिल होगें। 2025 तक कक्षा 03 तक के छात्रों को मूलभूत साक्षरता तथा अंकज्ञान सुनिश्चित किया जाएगा। मिडिल कक्षाओं की पढ़ाई पूरी तरह अलग होगी । कक्षा 06 से 08 के बीच विषयों की पढ़ाई करवाई जाएगी ।

  • स्कूल, कॉलेजों की फीस के लिए अलग सिस्टम होगा | There will be separate system for fees of schools and colleges

भविष्य में सभी नियम एक समान बनाए जाएंगे। फीस पर नियंत्रण को वनाए रखने के लिए एक तंत्र तैयार किया जाएगा। अभिभावको को फीस के वारे में समय-समय पर नोटिफिकेशन भेजी जाएगी। कि आपके दवारा कितनी फीस जमा कर दी है और कितनी फीस देनी है। ये सारी जानकारी वच्चों के माता-पिता को उपलव्ध करवाई जाएगी। ताकि फीस पर किसी तरह का ववाल उत्पन्न न हो।                 

  • नेशनल रिसर्च फाउंडेशन को दिया जाएगा महत्व | National Research Foundation will be given importance  

सभी तरह के वैज्ञानिक एवं सामाजिक अनुसंधानों को नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाकर नियंत्रित किया जाएगा। उच्च शिक्षण संस्थानों को बहु विषयक संस्थानों में बदला जाएगा। 2030 तक हर जिले में या उसके आसपास एक उच्च शिक्षण संस्थान होगा। इनमें आनलाइन शिक्षा का क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेट तैयार करना, वर्चुअल लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों को डिजिट संसाधनों से लैस कराने जैसी योजनाएं शामिल होगीं । जो छात्रों के भविष्य को संवारने में अहम भुमिका निभाएगीं।     

  • शिक्षा प्रणाली में सुधार | Education system reform 

छात्रों को स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा के साथ कृषि शिक्षा, कानूनी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसी व्यावसायिक शिक्षा आदि की जानकारी भी मिलेगी। जिससे शिक्षा स्तर को वढावा मिलेगा।  

  • पढाई के साथ-साथ अन्य विषयों का भी होगा समावेश | Along with studies, other subjects will also be included

कला, संगीत, शिल्प, खेल, योग, सामुदायिक सेवा जैसे सभी विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर छात्रों के कौशल को वढाया जाएगा।  

  • बाल भवन किए जाएगें स्थापित | Bal Bhavan will be set up

हर जिले में कला, करियर और खेल-संबंधी गतिविधियों में भाग लेने वाले लाभार्थीयों के लिए एक विशेष बोर्डिंग स्कूल के रूप में ‘बाल भवन’ स्थापित किए जाएगे। ताकि पढाई के साथ-साथ वच्चे खेल में भी अपनी रुचि को वनाए रखे। जिससे उनका शारिरीक विकास हो सके।

  • त्रि-भाषा फॉर्मूला | Three-language formula

नई नीति में विद्यार्थियों को स्कूल के सभी स्तरों और उच्च शिक्षा में संस्कृत को एक विकल्प के रूप में चुनने का अवसर मिलेगा। त्रि-भाषा फॉर्मूला में भी यह विकल्‍प शामिल किया जाएगा। इसके मुताबिक, किसी भी विद्यार्थी पर कोई भी भाषा नहीं थोपी जाएगी। भारत की अन्य पारंपरिक भाषाएं और साहित्य भी विकल्प के रूप में जारी रहेगीं।  विद्यार्थियों को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत 6-8 ग्रेड के दौरान किसी समय ‘भारत की भाषाओं पर एक आनंददायक परियोजना/गतिविधि में भाग लेना होगा। इसके अलावा कोरियाई, थाई, फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश, पुर्तगाली, रूसी भाषाओं को माध्यमिक स्तर पर पेश किया जाएगा ।       

  • ऑनलाइन एजुकेशन पर दिया जाएगा पूरा जोर | Full emphasis will be given on online education

नए सुधारों में टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन एजुकेशन पर भी जोर दिया गया है। कंप्यूटर, लैपटॉप और फोन इत्यादि के जरिए विभिन्न ऐप का इस्तेमाल करके शिक्षण को रोचक बनाया जाएगा। ताकि छात्रों को पढाई वोरिंग न लगे और उन्हें वहुत कुछ सीखने को मिले।      

  • ग्रेजुएशन करने के लिए एग्जिट सिस्टम होगा | There will be exit system for graduation.

नई शिक्षा निति के मुताविक ग्रेजुएशन करने के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में एक साल के बाद सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और 3-4 साल के बाद डिग्री छात्रों को मिलेगी। 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए होगी जो हायर एजुकेशन नहीं लेना चाहते या शोध में नहीं जाना चाहते । वहीं शोध में जाने वाले छात्रों के लिए 4 साल की डिग्री होगी । जिसमें 4 साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स अब 01 साल में MA कर सकते हैं । नीति के जरिए यदि कोई छात्र इंजीनियरिंग कोर्स को 2 वर्ष में अधुरा छोड़ देता है तो उस सिथति में उसे डिप्लोमा मिलेगा। इसके अलावा 05 साल का संयुक्त ग्रेजुएट-मास्टर कोर्स लाया जाएगा। जिसमें एमफिल को खत्म किया जाएगा और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 01 साल के बाद पढ़ाई छोड़ने का विकल्प भी छात्रों को मिलेगा। इससे छात्रों को काफी राहत मिलेगी जिससे उन पर पढाई का बोझ कम होगा।         

  • MPhil को खत्म किया जाएगा | MPhil will be abolished

देश की नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद छात्रों को अब MPhil नहीं करनी होगी। अब छात्र ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और उसके बाद सीधे PhD करेंगे| MPhil कोर्सेज को पूरी तरह खत्म किया गया है।

  • UGC, NCTE और AICTE को भी खत्म किया जाएगा | UGC, NCTE and AICTE will also be scrapped

राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 में UGC, NCTE और AICTE को भी खत्म किया जाएगा । इनकी   जगह पर एक नियामक (Regulator) प्रक्रिया को अपनाया जाएगा । जो छात्रों के भविष्य मे नया वदलाव लाएगी।   

  • कॉलेजों को मिलेगा कॉमन एग्जाम का ऑफर | Colleges will get common exam offer

नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम का ऑफर मिलेगा। जिसमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी दवारा ये परीक्षा कराएगी जाएगी।

  • विदेशी यूनिवर्सिटी को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति | Foreign university allowed to open campus in India

नई शिक्षा नीति में विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति दी जाएगी । इससे भारत के स्टूडेंट्स विश्व के बेस्ट इंस्टीट्यूट व यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेगें। जिसके चलते अब उन्हें पढाई के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा।

  • स्कॉलरशिप पोर्टल का विस्तार | Expansion of scholarship portal

SC, ST, OBC और SEDGS छात्रों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल को बढ़ाया जाएगा। NEP 2020 के तहत स्कूल से दूर रह रहे लगभग 2 करोड़ बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाया जाएगा। जिससे स्कॉलरशिप पोर्टल का विस्तार होगा और वच्चों को आर्थिक सहायता उपलव्ध होगी। जो उन्हें आगे वढने में प्रेरित करेगी।             

विशेषताएं | Features

  • शिक्षा स्तर का विस्तार
  • पढाई के वोझ को कम करना
  • नियामक प्रक्रिया को चलाना
  • पढाई के साथ-साथ खेल को भी महत्व देना            

महत्वपूर्ण डाउनलोड| Important Downloads

आशा करता हूं आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी। आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेट और लाइक जरुर करें।

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