Updated : Dec 25, 2019 in Yojana

अटल भूजल योजना | पूरी जानकारी | कैसे मिलेगा लाभ

अटल भूजल योजना | Atal Bhujal Yojana

 

25 दिसंबर 2019 को मोदी सरकार दवारा देश के हर गांव तक पानी पहुंचाने के लिए अटल भूजल योजना को शुरु किया गया है। इस योजना के तहत गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे सात राज्यों में पानी पहुंचाया जाएगा, इस योजना के अंतर्गत संबंधित प्रदेशों के 78 ज़िलों, 193 ब्लॉकों और 8,350 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इस योजना के लिए 6,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 3,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक देगा। इस योजना में विश्व बैंक और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50:50 फीसदी रहेगी। देश में 62 फीसदी सिंचाई भूजल से होती है। जिसमें ग्रामीण इलाकों में 85 फीसदी पानी की आपूर्ति भूजल दवारा ही की जाती है। इस भूजल का सही प्रकार से प्रबंधन हो, और उसकी कार्यक्षमता बढ़े, उसका सही इस्तेमाल हो, इसके लिए अटल भूजल योजना को शुरू किया गया है। इस योजना से किसानों की आय दोगुनी होगी और लोगों को पर्याप्त मात्रा में भी पानी उपलव्ध होगा।

उद्देश्य | An Objective

अटल भूजल योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता के लिए पीने का पानी उपलव्ध करवाना है और लगातार घट रही पानी की समस्या को खत्म करना है।

भारत में भूजल की स्थिति | Ground water situation in India

भारत विश्व में सर्वाधिक भूजल का प्रयोग करता है। यहाँ भूजल का 90% पीने के लिए प्रयुक्त होता है। सिंचाई का 60-70% जल भी भूजल से ही आता है। शहरों में पानी की 50% आपूर्ति भी भूजल से ही होती है।

लाभ | Benefits

  • अटल भूजल योजना का लाभ गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे सात राज्यों को पहुंचेगा।
  • इस योजना के लिए 6,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • इस योजना से भूजल का सही प्रकार से प्रबंधन होगा, और उसकी कार्यक्षमता भी बढेगी।
  • इस योजना से पानी की समस्या खत्म होगी।
  • इस योजना से 2030 तक देश के हर घर में पानी पहुंचाया जाएगा।
  • यह योजना उन लोगों की मदद करेगी, जिन्हें निरंतर भूजल आपूर्ति की आवश्‍यक्‍ता रहती है, विशेषकर ऐसे किसानों की मदद करेगी जो पिछले कई वर्षों से भूजल की अत्‍यधिक कमी से प्रभावित हैं।
  • इसका ध्यान मुख्य रूप से समुदायों की भागीदारी और विभिन्न जल योजनाओं के साथ सम्मिलन पर है।
  • इसका मुख्‍य घटक सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाना और भूजल संसाधन के प्रबंधन के लिए व्यवहार में बदलाव लाना है।
  • यह योजना जल संसाधन के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

प्रमुख विशेषताएं | Major features

  • भूजल प्रणाली की बेहतर समझ
  • भूजल में कमी से सम्बंधित समस्याओं के समाधान के बारे में समुदाय के दृष्टिकोण में अंतर
  • पहले से चल रहीं और नई योजनाओं को एक साथ मिलकर भूजल का सतत प्रबंधन
  • सिंचाई के लिए भूजल के प्रयोग में कमी लाने के लिए वैकल्पिक उपायों को अपनाना
  • लक्षित क्षेत्रों में भूजल संसाधनों में बढ़ोतरी|

आशा करता हूं आपको इस आर्टीकल के दवारा सारी जानकारी मिल गई होगी। आर्टीकल अच्छा लगे तो कोमेंट और लाइक जरुर करें।    

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